ब्रॉयलर चूजों के विकास प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव स्वदेशी हर्बल पूरक का

स्वदेशी ज्ञान प्रणाली को बढ़ाने के लिए नई तकनीकी हस्तांतरण व्यवस्था पशुधन उत्पादन प्रणाली में दीर्घकालिक व्यवहारों को एकीकृत करने में सहायक

एक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण व्यवस्था दो पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों- एक स्वदेशी हर्बल फॉर्मूलेशन जिसमें जानवरों में प्रचलित आम बीमारी मास्टिटिस (थनैला) को नियंत्रित करने की क्षमता है और अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए ब्रॉयलर चूजों के विकास प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव के साथ एक स्वदेशी हर्बल पूरक को बढ़ाने में सहायक हो सकती है।

भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त निकाय नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ)- इंडिया ने हाल ही में हैदराबाद स्थित कंपनी इंडियन जेनोमिक्स के साथ इन स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के लिए एक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण व्यवस्था में प्रवेश किया है, जिसके पास औषधीय उत्पादों के लिए गुणवत्ता आश्वासन सुनिश्चित करने के लिए डब्ल्यूएचओजीएमपी प्रमाणन है। यह पहल उत्कृष्ट पारंपरिक ज्ञान को बढ़ाने की दिशा में एक कदम है जो पीढ़ियों से समाज द्वारा बनाए रखा गया है। इन प्रौद्योगिकियों का वैज्ञानिक रूप से अध्ययन किया गया और डेयरी जानवरों में मास्टिटिस के नियंत्रण और पोल्ट्री फीड की पूरक के रूप में प्रभावी पाया गया।

एनआईएफ ने नियमित सेवा प्रदाताओं या औपचारिक प्रणालियों के समर्थन से किसानों के साथ उत्कृष्ट स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को एकीकृत करना प्रारंभ किया था। किसान पशुधन उत्पादन प्रणालियों में लागत प्रभावी, दीर्घकालिक व्यवहारों के लिए इन ज्ञान प्रणालियों पर भरोसा करते हैं।

मास्टिटिस एक बीमारी है जिससे डेयरी किसानों को भारी नुकसान होता है। यह बीमारी मुख्य रूप से बैक्टीरिया के कारण होती है जिसका जल्द से जल्द निदान और उपचार की आवश्यकता होती है। भारतीय कृषि प्रणाली को प्रारंभिक निदान, ऑनसाइट उपचार की उपलब्धता और दवा प्रतिरोध में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र की स्थिति में प्रभावी प्रौद्योगिकी की कमी वैकल्पिक प्रौद्योगिकियों की मांग करती है। यह स्वदेशी हर्बल फॉर्मूलेशन स्टेफिलोकोकस ऑरियस, स्यूडोमोनास एरुगिनोसा जैसे प्रमुख प्रेरक जीवाणु जीवों को नियंत्रित करने में सक्षम पाया गया। इस हर्बल फॉर्मूलेशन में अनेक फाइटो-घटक हैं जो क्षेत्र जीवाणु उपभेदों के खिलाफ प्रभावी परिणाम उत्पन्न करते हैं। डेयरी जानवरों के बीच नैदानिक बैक्टीरियल मास्टिटिस में इसके असर के लिए ज्ञान धारकों के अद्वितीय सूत्रीकरण का मूल्यांकन किया गया था।

इसी प्रकार, ब्रॉयलर उद्योग में पक्षियों को बढ़ी हुई चयापचय दर को पूरा करने के लिए पोषक तत्वों के साथ खिलाया जाता है जिससे कम समय में इष्टतम विकास प्रदर्शन होता है। यह ब्रोइलर के चयापचय पर भारी तनाव का कारण बनता है और उन्हें स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने और फ़ीड रूपांतरण अनुपात को बढ़ाने के लिए पूरक आहार की आवश्यकता होती है। एनआईएफ द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि एक उत्कृष्ट स्वदेशी हर्बल पूरक का ब्रॉयलर चूजों के विकास प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। पूरक ने बेहतर पोषक तत्व समावेश गुणों का संकेत दिया (जिसके परिणामस्वरूप उच्च विलीरू क्रिप्ट अनुपात था)। इसने ब्रोइलर को बेहतर फ़ीड दक्षता के साथ सक्षम किया था और इसके परिणामस्वरूप शरीर का वजन बढ़ गया था।

एनआईएफ ने वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ इन हर्बल ज्ञान प्रथाओं में मूल्य जोड़ा था और उन्हें पेटेंट संरक्षित होने में सहायता की थी। पशु स्वास्थ्य देखभाल और पशु चिकित्सा रोगों के लिए उत्पादों के निर्माण के क्षेत्र में अग्रणी उद्योग इंडियन जेनोमिक्स इन ज्ञान प्रणालियों की बाजार क्षमता की प्राप्ति में सहायता करेगी। यह एनआईएफ-इंडियन जेनोमिक्स जुड़ाव नियमित पशुधन सेवा प्रदाताओं के साथ ऐसी प्रौद्योगिकियों को एकीकृत कर सकता है, जिससे अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकियों को बढ़ाया जा सकता है।
एनआईएफ और इंडियन जेनोमिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के वाणिज्यिकरण के लिए एक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण व्यवस्था में प्रवेश किया।

 

About ATN-Editor

Anytime news:- Web News portal, weekly newspaper, YouTube news channel,

Check Also

North Tech Symposium 2026 highlights India’s indigenous defence strength and innovation push

Sanjay Seth says startups and MSMEs key drivers of Viksit Bharat 2047 vision Anytime News …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *