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हम तो झुक कर सलाम करते हैं…

उर्दू अकादमी की ओर से संत गाडगे ऑडिटोरियम में सजाई गई ग़ज़ल की महफ़िल चंडीगढ़ की गायिका डॉ ममता जोशी ने यूपी का बढ़ाया मान

लखनऊ। हम महान कवि कबीरदास के हमेशा शुक्रगुजार रहेंगे जिन्होंने एकता और अत्मा और परमात्मा से कैसे संबध निभाये जाते है गजल से महफिल गज़ल की शरुात करते हुए चंडीगढ़ की गायिका डॉ ममता जोशी ने संत गाडगे ऑडिटोरियम में कही।
गायिका ममता जोशी ने मौला मौला लाख बुलाए,मौला हाथ ना आए,और मेरा पिया घर आया ओ राम जी, इश्क जब हद से गुज़र जाए,यह मै जो बोलता हूँ सहित अन्य तरह-तरह की गजलें गाकर दर्शकों का मन मोह लिया ।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सचिव आदिल हसन ने कहा कि उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी निरंतर प्रदेश सरकार की नीतियों और योजनाओं को जनता तक पहुंचाती है। यह काम उर्दू भाषा के जरिए ही संभव हो पाता है। सरकार की नीतियों को प्रचारित एवं प्रसारित करने में अकादमी का बड़ा सहयोग रहता है अकादमी लगातार सेमिनार , ड्रामा, कव्वाली, गजल व अन्य कार्यक्रम करती रहती है।

कार्यक्रम के दौरान वार्मिक खान ने कहा कि गजल उत्तर प्रदेश की परंपरा रही है। इसके बाद गायिका ममता ने गजलों की लगातार प्रस्तुतियाँ दीं।
ममता जोशी चंडीगढ़ से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश आकर गजल का कार्यक्रम सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी स पार्टी कलाकारों के सहयोग से उन्होंने एक से एक लाजवाब प्रस्तुति दीं। इससे पूर्व डॉ ममता ने हम तो झुक कर सलाम करते हैं… ग़ज़ल को शुरू किया तो पूरा हाल तालियों से गूंज उठा।
दर्शकों की मांग पर उन्होंने साहब से मिलना है…भला हुआ… मेरे पिया घर आये…आदि को भी तवज्जो दिया। दशकों से मंच पर गाया जाने वाला छाप तिलक सब …को सुनकर लोग वाह-वाह बोलने लगे।
कमर अली सदस्य मदरसा बोर्ड ने बताया कि इस तरह के आयोजन हमारी तहज़ीब को जीवित रखते है ।
इस अवसर पर पूर्व सचिव उर्दू अकादमी एस रिजवान , संतोष मिश्रा, अब्दुल वहीद, जुबेर अहमद, निगहत खान,परवीन आज़ाद,रज़िया नवाज़,शिखा,रीमा सिन्हा, मुर्तजा अली, अज़ीज़ सिद्दिकी,प्रदीप तिवारी ,दीपक रंजन, समीर,ओम पटेल, नजम एहसन, भानू प्रताप सिंह,मास अहमद, मोहम्मद आमिर ,मुमताज अहमद ,ज़ुरैर आज़मी, आरिफ खान, प्रिंस आर्य, सुफियान बाग ,संतराम यादव, रईस अहमद, ज्ञानेश्वर शर्मा ,एसपी सिंह,परवेज अख्तर,जमील मलिक,परवेज आलम,रईस अहमद,आदि लोग मौजूद रहे।

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