जन सूचना का अधिकार कानून आरटीआई अब जनता से ही दूर होता जा रहा

*सूचना का अधिकार कानून के 20 साल जनता की आवाज सरकारों की अनदेखी जनता की मांग पर जनता के लिए बना जन सूचना का अधिकार कानून आरटीआई अब जनता से ही दूर होता जा रहा है।*

 ठीक 20 साल पहले 12 अक्टूबर 2005 को लागू हुआ यह कानून आज एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गया है, कि इसकी जानकारी रखने वाले मानते हैं कि (आरटीआई) जनता के लिए बना कानून अब जनता से दूर होते जा रहा है।

 सरकारों द्वारा किए गए संशोधनों और कानून के प्रति अपेक्षित सोच ने इसकी मूल आत्मा को ही मार दिया है।

 आम जनता के आरटीआई के अधीन लोगों को जवाब नहीं मिल रहा है उन्होंने रुपयों से पोस्टल आर्डर खरीद कर साथ लगाकर दिए हुए हैं फिर भी चक्कर पर चक्कर लगवाए जातें हैं।

सूचना के अधिकार कानून के प्रस्ताव को 12 मई 2005 को संसद में पारित कर पास किया,

 15 जून 2005 को राष्ट्रपति जी ने हस्ताक्षर किए प्रस्ताव कानून बन गया।

12 अक्टूबर 2005 को RTI कानून लागू हुआ भारत में तब (जम्मू-कश्मीर को छोड़कर)

About ATN-Editor

Anytime news:- Web News portal, weekly newspaper, YouTube news channel,

Check Also

India Moves Closer to 100th Vande Bharat: Advanced Tech & ‘Kavach’ Safety Define New Era

MCF Raebareli Rolls Out First Vande Bharat Trainset, Marks Entry into Elite Manufacturing League  Anytime …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *