केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री ने इंडसफूड 2026 के 9वें संस्करण का उद्घाटन किया
जीएसटी दरों में कमी से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बाजार विस्तार में मददनिर्यात को मात्रा से मूल्य में परिवर्तित करने का आह्वान; वैश्विक ब्रांडों से भारत में अपने अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित करने की अपीलएपीईडीए की भारती पहल कृषि-खाद्य स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा
एनीटाइम न्यूज नेटवर्क।अब हमारे पास खाद्य अधिशेष है, इसलिए हम सभी को इस मात्रा को मूल्य में परिवर्तित करने की आवश्यकता है। हम सभी इस क्षेत्र की ताकत और भारत की वैश्विक खाद्य टोकरी बनने की अपर्युक्त क्षमता को जानते हैं; अब संसाधनों को सही दिशा देने की जरूरत है। यें बातें इंडसफूड 2026 का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने ग्रेटर नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट में कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिकीकरण (पीएमएफएमई), प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई), राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान आदि जैसी योजनाएं किसानों और उद्योग दोनों को लाभ पहुंचा रही हैं। उन्होंने यह कहा कि राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान का दायरा अधिक राज्यों को कवर करने के लिए बढ़ाया जाएगा। मंत्री ने कहा, “सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को अटूट समर्थन दे रही है और व्यापार करने में आसानी जैसे किसी भी सहायक नीतिगत मामले के लिए हर संभव प्रयास करेगी।” श्री पासवान ने बताया कि उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर उच्च जीएसटी दर का मुद्दा उठाया, जिसे जीएसटी सुधारों के माध्यम से संबोधित किया गया और जीएसटी को न्यूनतम स्तर यानी 5 प्रतिशत या 0 प्रतिशत तक घटा दिया गया, जिसने इस क्षेत्र के लिए अधिक बाजार पहुंच बनाने में मदद की।
एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि भारतीश् पहल, जिसका पूर्ण रूप भारत्स हब फॉर एग्रीटेक, रेजिलेंस, एडवांस्डमेंट एंड इंक्युवेशन फार एक्सपोर्ट एनेवलमेंट है, कृषि क्षेत्र के स्टार्टअप्स को सशक्त बनाने के उद्देश्य से डिज़ाइन की गई है। उद्घाटन के अवसर पर ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने इंडसफूड 2026 के विशाल स्वरूप को रेखांकित करते हुए बताया कि यह आयोजन 30 से अधिक देशों के 2,200 से अधिक प्रदर्शकों, 125,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में तथा 120 से अधिक देशों के 15,000 से अधिक खरीदार को एक साथ लाता है, जिससे संपूर्ण खाद्य एवं पेय मूल्य श्रृंखला को एक ही इकोसिस्टम में एकीकृत होती है। इस आयोजन में दो नए मंडप दृ पेट फूड एवं एनिमल न्यूट्रिशन तथा कुकवेअर एवं किचन वेअर- भी शामिल किए गए हैं, जो जीवनशैली में बदलाव, स्वास्थ्य जागरुकता, प्रीमियम उत्पादों की बढती मांग और स्थिरता जैसे वैश्विक रूझानों को दर्शाते हैं। भारत का खाद्य एवं पेय निर्यात 2024-25 में 47.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात 7.9 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें कोको और उससे संबंधित उत्पादों का प्रमुख योगदान रहा। इंडसफूड एशिया का प्रमुख खाद्य एवं पेय व्यापार मेला है। यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण है, जो 120,000 वर्ग मीटर के कुल क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इस अवसर पर एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव, भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद के अध्यक्ष मोहित सिंगला, अबू धाबी फूड हब (केईजेडएडी) के सीईओ जेन्स वोल्फगैंग मिशेल, भीखाराम चंदमल के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार अग्रवाल गोल्डी समूह के आकाश गोयनका के अलावा उद्योगपति, खरीदार, प्रदर्शक और वैश्विक खाद्य एवं पेय इकोसिस्टम के सदस्य उपस्थित थे।

AnyTime News
