एनीटाइम न्यूज नेटवर्क। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा जन भवन, लखनऊ में भव्य अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कला, संस्कृति, साहित्य, नाट्य, खेल, बौद्ध एवं जैन दर्शन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली महानुभावों को सम्मानित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि “ऐसे सम्मान केवल वर्षों की साधना और तपस्या का सम्मान नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत होते हैं।” उन्होंने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आधुनिक गणतंत्र भले ही युवा हो, किंतु उसकी जड़ें मानवीय मूल्यों, नैतिक आदर्शों और संवैधानिक चेतना में अत्यंत सुदृढ़ हैं।
राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे निर्भीक होकर आगे बढ़ें और जोखिम लेने से न घबराएँ, क्योंकि साहस ही नवाचार की पहली सीढ़ी है। उन्होंने कहा कि जब युवा संकल्पित होते हैं, तब विकसित भारत एक सुनिश्चित भविष्य बनता है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य आज न्यू इंडिया के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मेट्रो नेटवर्क, ‘नमो भारत’ रैपिड रेल, महिला सुरक्षा के लिए महिला हेल्प डेस्क, रक्षा औद्योगिक गलियारा, एआई, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में हो रही प्रगति प्रदेश को विकास का अग्रदूत बना रही है।
कार्यक्रम में बाबा योगेन्द्र कला सम्मान, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र सम्मान, आचार्य भरतमुनि सम्मान, बिरसा मुंडा सम्मान सहित अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार कला और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों के उत्थान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
समारोह में गुजरात के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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