बैंक से पैसा निकालते ही मैसेज का जवाब तुरंत दे अंयथा पैसे की जिम्मेदारी ग्राहक की हो जाती है-आरबीआई क्षेत्रीय निदेशक

पूजा श्रीवास्तव

बैंक से पैसा निकालते ही एक मैसेज आता है जिसमें लिखा होता है कि यह पैसा निकला है और अगर आपने नहीं निकला है तो तुरंत इस नंबर पर बात कर खाते को रोक दे। यदि आप इस नंबर पर तत्काल कॉल बैक कर खाते को बंद नहीं करते हैं तो यह आपकी गलती मानकर बैंक आपके पैसे को नहीं देगा यदि आप तत्काल उपरोक्त नंबर पर फोन कर अपनी बात बताते हैं तो बैंक उसे पैसे का जिम्मेदार हो जाएगा। यें बातें एफएलडब्ल्यू 2024 उद्घाटन समारोह की प्रेसवर्ता के दौरान आरबीआई, लखनऊ में भारतीय रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बालू केंचप्पा लखनऊ कार्यालय में कही।

डॉ. बालू केंचप्पा कहा कि इसलिए हमेशा सतर्क रहिए सजग रहिए और अपने मोबाइल के टैक्स मैसेज पर हमेशा नजर रखिए कि किसी भी तरह की इसमें लापरवाही ना बरते।

क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन का जनसर्मथ पोर्टल पर केंद्र सरकार की 13 योजनाओं को ऑनलाइन आवेदन लेता है इस पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारियां जैसे कि आधार आधार बेस्ड मोबाइल नंबर पैन नंबर को पंजीकृत करने के बाद आपको संपूर्ण जानकारियां मिल जाएगी और उनको भरने के बाद बैंक यह पोर्टल आपके चयनित बैंक को ऑनलाइन भेज देगा ताकि जल्द से जल्द अपके क्रेडिट उत्पाद को ले सकेंगे।

क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बालू केंचप्पा ने बताया कि मिससेलिंग या उल्लू बनाने का काम बहुत से लोग यह कहकर करते हैं कि इस एफडी में आप पैसा जमा कर दीजिए आपका पैसा इतने वक्त में दुगना हो जाएगा, लेकिन वह पैसा किसी बीमा कंपनी में जमा कर देते हैं इसके बाद व्यक्ति खुद को ठगा महसूस करता है इसके लिए हर बीमा कंपनी ने फ्री लुक पीरियड 15 दिन का बनाया है जिसमें आपको पॉलिसी मिल जाती है और मिलने के बाद आपको लगता है कि आपके साथ ठगी की गयी है तो आप तत्काल उसे पॉलिसी को वापस करते हैं जिसमें किसी भी प्रकार का कोई चार्ज नहीं काटा जाता है और पैसा पूरा रिफंड हो जाता है।
उन्होंने कहा कि यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं हमेशा एक कैप लगा रखें कि मैक्सिमम रकम से ज्यादा निकलने पर तुरंत आपको ओटीपी और पिन डालना पड़े ताकि भविष्य में होने वाली साइबर धोखाधड़ी से क्राइम से बचा जा सके।

हमने बैंकिंग सेक्टर के लिए 96 पैरामीटर बना रखे हैं जिसमें पिछले वित्तीय वर्ष में बैंकिंग इंडस्ट्री 56 मनको को पूरा कर रहा था अब वह 61 हो गए इन मनको हम लगातार बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश काम चल रहा है हर 3 महीने में जिला क्रेडिट कमेटी की रिपोर्ट और बैठक होती है और हर लीड मैनेजर जो जिला अग्रणी प्रबंधक के साथ बैठक पर काम करते हैं
उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने हर ढाई किलोमीटर पर कम से कम एक बिजनेस कॉरस्पॉडेंट या बैंक सखी का लक्ष्य रखा है वहीं हर पांच किलोमीटर पर मिनी ब्रांच का भी लक्ष्य बना रखा है जिसको उत्तर प्रदेश आज के समय में लगभग पूरा कर चुका है और इससे भी आगे जाने की कोशिश चल रही है। मौजूदा टाइम पर 2 लाख बैंक सखी या कॉरस्पॉडेंट काम कर रहे हैं क्योंकि हमारा लक्ष्य डोर स्टेप सर्विसेज का है।

एटीएम नेटवर्क पर हम लोग लगातार काम करते हैं यदि किसी भी एटीएम में 10 घंटे से अधिक पैसा नहीं होता है तो उसे पर पेनल्टी लगती है यदि उसमें कोई तकनीकी खराबी हो गई है तो उसे मामले में अलग से देखा जाता है और आज बैंकिंग इंडस्ट्री इस काम को आउटसोर्सिंग कर रही है जिसकी वजह से इसमें समस्याएं कम से काम आ रही हैं क्योंकि एटीएम में 24 ग् 7 कैश इनसाइड का लक्ष्य है वहीं कुछ रिमोट एरिया में यह लक्ष्य रात 1000 बजे तक का भी है
हमने हर सेविंग एंड करंट अकाउंट पर एक डिजिटल प्रोडक्ट को होना अनिवार्य कर रखा है

 

 

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