एनीटाइम न्यूज नेटवर्क। दिसंबर 2025 के लिए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं, जिनके अनुसार देश में थोक महंगाई दर सालाना आधार पर 0.83 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह जानकारी 14 जनवरी 2026 को उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में दी गई। आधार वर्ष 2011-12 के अनुसार दिसंबर 2025 में थोक मूल्य सूचकांक बढ़कर 157.0 हो गया, जो नवंबर 2025 में 155.9 था। दिसंबर में महंगाई में यह वृद्धि मुख्य रूप से विनिर्मित उत्पादों, खनिजों, मशीनरी एवं उपकरणों, खाद्य उत्पादों और वस्त्रों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण दर्ज की गई।
प्रमुख बिंदु:
प्राथमिक वस्तुएं: दिसंबर 2025 में प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर 0.21 प्रतिशत रही, जबकि पिछले महीनों में यह नकारात्मक थी।
ईंधन और बिजली: इस श्रेणी में महंगाई दर -2.31 प्रतिशत रही, हालांकि माह-दर-माह आधार पर कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई।
विनिर्मित उत्पाद: इस वर्ग में महंगाई दर बढ़कर 1.82 प्रतिशत हो गई, जिससे औद्योगिक लागत में इजाफा हुआ है।
खाद्य सूचकांक: खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर दिसंबर 2025 में 0.00 प्रतिशत रही, जो नवंबर 2025 में -2.60 प्रतिशत थी।
दिसंबर 2025 में थोक मूल्य सूचकांक में 0.71 प्रतिशत की मासिक वृद्धि दर्ज की गई, जो यह संकेत देती है कि कीमतों का दबाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विनिर्माण और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में निरंतर वृद्धि का असर आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई पर भी देखने को मिल सकता है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, हालांकि महंगाई दर अभी नियंत्रित स्तर पर है, लेकिन “महंगाई डायन खाए जात” की स्थिति से आम जनता को राहत दिलाने के लिए आवश्यक है कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर सख्त निगरानी रखी जाए और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जाए।सरकार की ओर से जारी किए गए ये आंकड़े आर्थिक नीतियों और आगामी बजट चर्चाओं के लिए भी अहम माने जा रहे हैं।
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