डीजीसीए का डिजिटल दावा: ई-पायलट लाइसेंस से सुविधा या नई तकनीकी चुनौतियां?

एनीटाइम न्यूज नेटवर्क। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (एटीपीएल) के लिए इलेक्ट्रॉनिक कार्मिक लाइसेंस (ईपीएल) सेवा शुरू कर डिजिटल बदलाव की दिशा में एक और कदम उठाया है। डीजीसीए का दावा है कि यह पहल पारदर्शिता, दक्षता और सुरक्षा को मजबूत करेगी, लेकिन पायलट संगठनों और विमानन विशेषज्ञों के बीच इसे लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

डीजीसीए मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में ईपीएल-एटीपीएल सेवा का उद्घाटन किया गया। नई व्यवस्था के तहत पायलटों को अब कागजी लाइसेंस की जगह ईजीसीए मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल लाइसेंस मिलेगा, जिसमें आईसीएओ मानकों के अनुरूप सुरक्षा फीचर्स शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, पायलट यूनियनों का कहना है कि डिजिटल सिस्टम की निर्भरता बढ़ने से तकनीकी गड़बड़ियों का जोखिम भी बढ़ेगा।

उद्योग सूत्रों के अनुसार, पहले से ही ईजीसीए पोर्टल पर लॉग-इन समस्याएं, डेटा अपडेट में देरी और सर्वर डाउन जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में एटीपीएल जैसे महत्वपूर्ण लाइसेंस को पूरी तरह डिजिटल करना, बिना वैकल्पिक व्यवस्था के, उड़ान संचालन और करियर पर असर डाल सकता है। कई पायलटों का कहना है कि यदि ऐप या सिस्टम किसी समय काम न करे, तो तत्काल सत्यापन में परेशानी हो सकती है, जिसका सीधा असर उड़ानों पर पड़ेगा।

डीजीसीए का कहना है कि ईपीएल प्रणाली से छेड़छाड़ रोकी जा सकेगी और सत्यापन त्वरित होगा। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी को लेकर ठोस आश्वासन और नियमित ऑडिट बेहद जरूरी हैं। डिजिटल लाइसेंस में किसी भी तरह की डेटा त्रुटि या हैकिंग का खतरा न केवल व्यक्तिगत पायलटों बल्कि पूरे विमानन सुरक्षा तंत्र के लिए गंभीर हो सकता है।

गौरतलब है कि डीजीसीए ने फरवरी 2025 में सीपीएल और एफआरटीओएल के लिए ईपीएल की शुरुआत की थी। अब एटीपीएल को शामिल करने के बाद डिजिटल दायरा बढ़ गया है। हालांकि, पायलट समुदाय की मांग है कि डिजिटल सुविधा के साथ-साथ मजबूत तकनीकी सहायता, ऑफलाइन बैक-अप और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र भी सुनिश्चित किया जाए।

कुल मिलाकर, डीजीसीए का यह कदम आधुनिकता की ओर इशारा करता है, लेकिन जब तक जमीनी स्तर पर तकनीकी स्थिरता और भरोसेमंद सिस्टम नहीं बनता, तब तक “डिजिटल लाइसेंस” पायलटों के लिए सुविधा से ज्यादा चिंता का विषय बना रह सकता है।

About ATN-Editor

Anytime news:- Web News portal, weekly newspaper, YouTube news channel,

Check Also

Aadhaar App crosses 31 million downloads, reflecting growing utility for residents

Nearly 40 lakh people update mobile number using the new Aadhaar App Almost 8.5 lakh …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *