अंगदान देकर जीवनदान दें, गांवों तक अंगदान की जानकारियों का प्रचार-प्रसार करें -राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल की अध्यक्षता में राजभवन में आयुष्मान भव सेवा पखवाड़ा का हुआ शुभारम्भ
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देश के प्रधानमंत्री के 73वें जन्मदिन पर आज राजभवन ने 73 क्षय रोगियों को गोद लिया
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राज्यपाल ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 निक्षय मित्रों, 10 जिला क्षय रोग अधिकारियों तथा 04 स्वैच्छिक अंगदान हेतु पंजीकरण कराने वालों को सम्मानित किया
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राज्यपाल ने कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को अंगदान की शपथ दिलायी
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गरीब परिवार के टी.बी. ग्रस्त मरीजों को पौष्टिक भोजन देकर रोग मुक्त करने में सहायक बनें
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पोषण पोटली का मरीज के स्वास्थ लाभ हेतु सदुपयोग करें परिजन
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स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छता की आदत विकसित करें
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प्रदेश सरकार केन्द्र की आयुष्मान भव योजना को लाभार्थियों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है
– मंयकेश्वर शरण सिंह

पंडित अनिरुध शर्मा

जीवन में विपरीत परिस्थितियों का सामना करने वाले गरीब परिवारों में यदि कोई सदस्य टी.बी. से ग्रस्त हो जाता है तो चिकित्सा के साथ समुचित पोषण ले पाना उनके लिए सम्भव नहीं हो पाता है। ऐसे परिवार के रोगियों को रोगमुक्त करने में सक्षम परिवार, संस्थाएं, बड़े संस्थान सहायक बने और क्षय रोगी के रोगमुक्त होने तक पोषण सामग्री देकर उनके स्वस्थ होने में मदद करें। यें बातें देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 73वें जन्मदिवस के अवसर पर आयुष्मान भव सेवा पखवाड़ा का शुभारम्भ करते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में कही।

राज्यपाल जी की प्रेरणा से कार्यक्रम में राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने 38 क्षय
राज्यपाल जी ने अपने संबोधन में अंगदान की विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि अंगदान से जीवन के बाद भी किसी जरूरतमंद को जीवनदान प्राप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि अंगदान की जानकारियों का गांवों तक प्रचार-प्रसार करें, जिससे लोगों में अंगदान की आवश्यकता और महत्व के प्रति जागरूकता आए। उन्होंने संबोधन में तीव्र गति से आयुष्मान कार्ड बनाए जाने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थय मंयकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार की आयुष्मान भव येाजना को लाभार्थियों तक पहुँचाने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा ने आयुष्मान भव सेवा पखवाड़ा की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आज 17 सितम्बर, 2023 से प्रारम्भ ये पखवाड़ा 02 अक्टूबर, 2023 को समाप्त होगा। इस पखवाडे़ में तीन घटकों पर कार्य होगा, जिसमें आयुष्मान आपको द्वार के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बनाना, आयुष्मान मेला आयोजित करना और लाभार्थियों को योजना पात्रता का लाभ देना और प्रत्येक गांव और पंचायत पर आयुष्मान सभाएं आयोजित कर महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजनओं की जानकारी देना, बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना शामिल है।
रोगी तथा प्रदेश के नौ विश्वविद्यालयों ने चार-चार क्षय रोगी गोद लेकर कुल 73 क्षय रोगियों को पोषण किट वितरित की। राज्यपाल जी ने कार्यक्रम में ऐसे 10 निक्षय मित्रों, जिन्होंने बहुत बड़ी संख्या में क्षय रोगियों को पोषण सहायता के लिए गोद लिया, दस बेहतरीन कार्य करने वाले जिला क्षय रोग अधिकारियों को तथा 04 स्वैच्छिक अंगदान हेतु पंजीकरण कराने वाले अधिकारियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। राज्यपाल जी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को जीवन के बाद जीवन जैसे महान कार्य का हिस्सा बनने हेतु शरीर के दान किए जा सकने वाले अपने अंगों तथा ऊतकों आदि के दान हेतु शपथ दिलायी।

कार्यक्रम में राजभवन चिकित्सा परिसर के प्रभारी डॉ0 अनिल निर्वाण ने अंगदान के महत्व को दर्शाती प्रसिद्ध कवि मैथिली शरण गुप्त की कविता ‘वही मनुष्य है कि जो मनुष्य क लिए मरे‘ के साथ सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थय डॉ0 दीपा त्यागी, नौ विश्वविद्यालयों के कुलपति, राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारीगण, चिकित्सा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारीगण, क्षय रोगी एवं उनके परिजन भी उपस्थित थे।
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