उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन बेन पटेल ने राजधानी लखनऊ के गोमती में एचडीएफसी बैंक के मेगा करेंसी चेस्ट एवं WBO परिसर का विधिवत उद्घाटन एवं निरीक्षण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने बैंकिंग प्रणाली की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए इसे देश की आर्थिक मजबूती की रीढ़ बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आमतौर पर लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि बैंक निर्धारित समय पर बंद होने के बाद भी विस्तृत लेखा-जोखा, नकदी मिलान और शेष धनराशि को सुरक्षित रूप से वापस करने की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली की यह पारदर्शिता और अनुशासन देश की वित्तीय व्यवस्था को मजबूत बनाता है। 
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आम नागरिकों तक बैंकिंग सुविधाएँ पहुँच रही हैं। इससे लोग स्वरोज़गार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले आम व्यक्ति के लिए बैंक से ऋण प्राप्त करना कठिन होता था, लेकिन आज स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएँ और सामान्य नागरिक भी आसानी से ऋण लेकर व्यवसाय शुरू कर रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज महिलाएँ ट्रैक्टर, ड्रोन और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि एवं अन्य क्षेत्रों में कार्य कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने “ड्रोन दीदी” जैसी योजनाओं को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
उन्होंने कहा कि पूर्व में महिलाओं के पास ऋण प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों का अभाव रहता था, लेकिन अब स्थितियाँ बदल रही हैं। महिला किसानों के नाम भूमि और आवास जैसी संपत्तियाँ होने से उन्हें बैंकिंग सुविधाओं का लाभ सरलता से मिल रहा है। राज्यपाल ने सरकार, बैंकों और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच बेहतर समन्वय से जनहित में कार्य करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) की भूमिका पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि निजी क्षेत्र को शिक्षा और आधारभूत संरचना के विकास में सक्रिय सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई विद्यालयों में आज भी कंप्यूटर, स्मार्ट क्लास और भवन जैसी सुविधाओं का अभाव है, जिसकी पूर्ति में निजी संस्थानों की भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने जन भवन में संचालित आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों के बच्चे भी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। विद्यालय को कक्षा 12 तक विस्तारित करने की योजना है, जिससे अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। साथ ही बाल गृह के बच्चों के लिए भी जन भवन में अध्ययन की व्यवस्था की जा रही है।
राज्यपाल ने कहा कि गरीब और वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़े बिना विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य संभव नहीं है। उन्होंने गौ-संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि औपचारिक अवसरों पर पुष्पों के स्थान पर जन भवन स्थित गौशाला के लिए गुड़-रोटी भेंट की जानी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने नए करेंसी चेस्ट का अवलोकन कर वहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार, एचडीएफसी बैंक के कार्यकारी निदेशक भावेश ज़वेरी, ग्रुप हेड अरुण मेहंदी रता, गौरव राय सहित बैंक के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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