हजरत उमर रजि0 रसूले पाक सल्ल0 की मुराद थेः मौलाना खालिद रशीद

दारूल उलूम फरंगी महल में ‘‘शुहादाये दीने ह़क़ व इस्लाहे़ माआशरह’’ के तह़त जलसा
मुहर्रम का महीना निहायत अजमत वाला महीना है। इसके फजीलत व बरकत में बहुत सी हदीस शरीफ हैं। इस माहे मुबारक में पेश आने वाले वाकिआत और फजीलतों से आम लोगों को वाकिफ कराना जरूरी है। इसी लिए यहॉ दस दिवसीय जलसे आयोजित होते हैं। इनसे हाजिरीन के इल्म में इजाफा होता है। वह सुन्नतों से वाकिफ होते हैं, बिदातों और खिलाफे शरीअत रस्म व रिवाजों से दूर होते हैं। इन ख्यालात का इज्हार ‘‘शुहादा-ए-दीन-हक व इस्लाह-ए-मुआशरा’’ के तहत पहले जलसे को खिताब  करते नाजिम दारूल उूलम फरंगी महल मौलाना खालिद रशीद फरंगीदारूल उलूम फरंगी महल में ‘‘शुहादाये दीने ह़क़ व इस्लाहे़ माआशरह’’ के तह़त जलसा

मुहर्रम का महीना निहायत अजमत वाला महीना है। इसके फजीलत व बरकत में बहुत सी हदीस शरीफ हैं। इस माहे मुबारक में पेश आने वाले वाकिआत और फजीलतों से आम लोगों को वाकिफ कराना जरूरी है। इसी लिए यहॉ दस दिवसीय जलसे आयोजित होते हैं। इनसे हाजिरीन के इल्म में इजाफा होता है। वह सुन्नतों से वाकिफ होते हैं, बिदातों और खिलाफे शरीअत रस्म व रिवाजों से दूर होते हैं। इन ख्यालात का इज्हार ‘‘शुहादा-ए-दीन-हक व इस्लाह-ए-मुआशरा’’ के तहत पहले जलसे को खिताब करते नाजिम दारूल उूलम फरंगी महल मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली चेयरमैन इस्लामिक सेन्टर आफ इण्डिया ने किया।

मौलाना फरंगी महली ने हजरत उमर फारूक की सीरत बयान करते हुए कहा कि दूसरे खलीफा हजरत उमर फारूक रजि0 ने हुकूमत के निजाम को सही रखने के बेमिसाल और अपनाने योग्य कदम उठाये। आप रजि0 का हुकूमत करने का तौर तरीका दुनिया के तमाम हुकूमत करने वालों के लिए एक उदाहरण है। आज भी दुनिया के किसी हिस्से में फारूकी तौर तरीके पर अमल हो जाए तो वह हिस्सा जमीन में रश्क करने के योग्य बन जाए। वहाँ के लोग इस्लाम की तमाम बरकतों से लाभ उठा सकेंगें।
मौलाना ने कहा कि तमाम सहाबाक्राम आप सल्ल0 के मुरीद थे और हजरत उमर रजि0 आप सल्ल0 की मुराद थे।
मौलाना फरंगी महली ने मुसलमानों से अपील की कि वह सहाबा क्राम की पाक जिन्दगियों को अपना नमूना बनाये और एक स्वच्छ समाज के निर्माण और स्थापना में अपना प्रभावशाली और महत्वपूर्ण योगदान दें। जलसे का आरम्भ दारून उलूम निजामिया फरंगी महल के उस्ताद क़ारी अब्दुल मुगीस की तिलावत कलाम पाक से हुआ।
जलसे का संचालन मौलाना हारून निजामी ने किया और जलसा का अंत मौलाना खालिद रशीद की दुआ पर हुआ।

 

महली चेयरमैन इस्लामिक सेन्टर आफ इण्डिया ने किया।

मौलाना फरंगी महली ने हजरत उमर फारूक की सीरत बयान करते हुए कहा कि दूसरे खलीफा हजरत उमर फारूक रजि0 ने हुकूमत के निजाम को सही रखने के बेमिसाल और अपनाने योग्य कदम उठाये। आप रजि0 का हुकूमत करने का तौर तरीका दुनिया के तमाम हुकूमत करने वालों के लिए एक उदाहरण है। आज भी दुनिया के किसी हिस्से में फारूकी तौर तरीके पर अमल हो जाए तो वह हिस्सा जमीन में रश्क करने के योग्य बन जाए। वहाँ के लोग इस्लाम की तमाम बरकतों से लाभ उठा सकेंगें।
मौलाना ने कहा कि तमाम सहाबाक्राम आप सल्ल0 के मुरीद थे और हजरत उमर रजि0 आप सल्ल0 की मुराद थे।
 मौलाना फरंगी महली ने मुसलमानों से अपील की कि वह सहाबा क्राम की पाक जिन्दगियों को अपना नमूना बनाये और एक स्वच्छ समाज के निर्माण और स्थापना में अपना प्रभावशाली और महत्वपूर्ण योगदान दें। जलसे का आरम्भ दारून उलूम निजामिया फरंगी महल के उस्ताद क़ारी अब्दुल मुगीस की तिलावत कलाम पाक से हुआ।
जलसे का संचालन मौलाना हारून निजामी ने किया और जलसा का अंत मौलाना खालिद रशीद की दुआ पर हुआ।

About ATN-Editor

Anytime news:- Web News portal, weekly newspaper, YouTube news channel,

Check Also

Holi symbolizes love, harmony and social unity: Dr. Neeraj Bora

Agarwal Sabha celebrates vibrant Holi festival with folk music and dance in Lucknow Phagun songs …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *