PM participates in Khadi Utsav at the Sabarmati River Front, Ahmedabad, Gujarat on August 27, 2022.

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केवीआईसी ने बनाया नया कीर्तिमान.

पहली बार खादी और ग्रामोद्योग का कारोबार 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार.
केवीआईसी ने वित्त वर्ष 2023-24 के अनंतिम (Provisional) आंकड़े जारी किये.
पिछले 10 वर्षों में उत्पादन में 315% और बिक्री में 400% की वृद्धि.
10 वर्षों में नये रोजगार सृजन के क्षेत्र में 81% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी.
10 वर्षों में खादी-ग्रामोद्योग भवन नई दिल्ली के कारोबार में रिकॉर्ड 87.23% वृद्धि.
अध्यक्ष केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने कहा, ‘मोदी की गारंटी ने खादी की बिक्री को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाया.’

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 में उत्पादन, बिक्री और नये रोजगार सृजन का नया रिकॉर्ड बनाया है। मंगलवार को केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने नई दिल्ली के राजघाट स्थित कार्यालय में वित्त वर्ष 2023-24 के अनंतिम (provisional) आंकड़े जारी किये। पिछले सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए, वित्त वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 399.69 प्रतिशत (लगभग 400%), उत्पादन में 314.79 प्रतिशत (लगभग 315%) और नये रोजगार के सृजन में 80.96 प्रतिशत (लगभग 81%) की बढ़ोत्तरी हुई है। बता दें कि वित्त वर्ष 2022-23 में वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 332.14%, उत्पादन में 267.52% और नये रोजगार सृजन के क्षेत्र में 69.75% की वृद्धि दर्ज की गयी थी।
केवीआईसी के इस शानदार प्रदर्शन ने वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने और भारत को विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बड़ा योगदान दिया है। आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार केवीआईसी के उत्पादों की बिक्री वित्त वर्ष 2023-24 में 1.55 लाख करोड़ रुपये को पार कर गयी है। वित्तवर्ष 2022-23 में बिक्री का आंकड़ा 1.34 लाख करोड़ रुपये था। ‘मोदी सरकार’ के पिछले 10 वित्त वर्षों में, ग्रामीण क्षेत्र के कारीगरों द्वारा बनाये गए स्वदेशी खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों की बिक्री वित्त वर्ष 2013-14 में जहां 31154.20 करोड़ रुपये थी, वहीं वित्त वर्ष 2023-24 में यह बढ़कर 155673.12 करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी, जो अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि है। वित्त वर्ष 2023-24 में केवीआईसी के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्र में 10.17 लाख नये रोजगार का सृजन हुआ है जिसने ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को सशक्त किया है।
केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय पूज्य बापू की प्रेरणा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और देश के सुदूर गांवों में कार्यरत करोड़ों कारीगरों की अथक मेहनत को दिया है। एक बयान में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘ब्रांड शक्ति’ ने खादी के उत्पादों पर लोगों का विश्वास बढ़ाया है। युवा वर्ग के लिए खादी फैशन का ‘नया स्टेटस सिंबल’ बन गया है। बाजार में खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसका परिणाम उत्पादन, बिक्री और रोजगार के आंकड़ों में दिख रहा है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले 10 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बड़े बदलाव और फैसले लिये गये हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी उत्पादों’ पर देश की जनता का भरोसा बढ़ा है।
खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों के उत्पादन में बड़ी वृद्धि-
वित्त वर्ष 2013-14 में खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों का उत्पादन जहां 26,109.08 करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2023-24 में यह 314.79 प्रतिशत के उछाल के साथ 108297.68 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में उत्पादन 95956.67 करोड़ रुपये था। सतत बढ़ते उत्पादन का यह आंकड़ा इस बात का सशक्त प्रमाण है कि ग्रामीण क्षेत्र में खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने ऐतिहासिक कार्य किया है।
खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों की बिक्री में बड़ा उछाल-
पिछले 10 वित्त वर्षों में खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों ने बिक्री के मामले में हर वर्ष नये रिकॉर्ड बनाये हैं। वित्त वर्ष 2013-14 में बिक्री जहां 31154.20 करोड़ रुपये थी, वहीं 399.69 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि के साथ यह वित्त वर्ष 2023-24 में 1,55,673.12 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो कि अब तक की सर्वाधिक बिक्री रही है।
खादी कपड़ों (Khadi Fabric) के उत्पादन का नया कीर्तिमान-
पिछले 10 वर्षों में खादी कपड़ों के उत्पादन में भी अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2013-14 में जहां खादी कपड़ों का उत्पादन 811.08 करोड़ रुपये था वहीं 295.28 प्रतिशत के उछाल के साथ यह वित्त वर्ष 2023-24 में 3206 करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गया, जो कि अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। वित्त वर्ष 2022-23 में खादी कपड़ों का उत्पादन 2915.83 करोड़ रुपये था।
खादी कपड़ों (Khadi Fabric) की बिक्री ने भी रचा नया इतिहास-
पिछले 10 वित्त वर्षों में खादी के कपड़ों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। वित्त वर्ष 2013-14 में जहां इसकी बिक्री सिर्फ 1081.04 करोड़ रुपये थी, वहीं वित्त वर्ष 2023-24 में 500.90 प्रतिशत वृद्धि के साथ यह 6496 करोड़ रुपये पहुंच गई। वित्त वर्ष 2022-23 में 5942.93 करोड़ रुपये के खादी के कपड़े बिके थे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा बड़े मंच से खादी का प्रचार करने का व्यापक असर खादी के कपड़ों की बिक्री पर पड़ा है। पिछले वर्ष देश में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने भारत मंडपम से राजघाट तक जिस तरह से खादी का प्रचार-प्रसार किया उसने खादी के प्रति विश्व समुदाय को आकर्षित किया है।
नये रोजगार (New Employment) सृजन और संचयी रोजगार (Cumulative Employment) सृजन का नया कीर्तिमान-
खादी और ग्रामोद्योग आयोग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध करना है। इस क्षेत्र में भी केवीआईसी ने पिछले 10 वर्षों में रिकॉर्ड कायम किया है। वित्त वर्ष 2013-14 में जहां संचयी रोजगार (Cumulative Employment) 1.30 करोड़ था, वहीं यह 2023-24 में 43.65 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1.87 करोड़ तक पहुंच गया। इसी तरह से वित्त वर्ष 2013-14 में जहां 5.62 लाख नए रोजगार का सृजन हुआ था, वहीं वित्त वर्ष 2023-24 में यह 80.96 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10.17 लाख पहुंच गया। खादी कपड़ों के निर्माण के क्षेत्र में 4.98 लाख ग्रामीण खादी कारीगरों (कत्तिन और बुनकर) और कार्यकर्ताओं को भी रोजगार मिल रहा है।

खादी-ग्रामोद्योग भवन नई दिल्ली के कारोबार में रिकॉर्ड वृद्धि-
खादी और ग्रामोद्योग भवन, नई दिल्ली के कारोबार में भी पिछले 10 वर्षों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2013-14 में यहां का कारोबार जहां 51.13 करोड़ रुपये था, वहीं 87.23 प्रतिशत बढ़कर यह वित्त वर्ष 2023-24 में 95.74 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2022-23 में खादी-ग्रामोद्योग भवन नई दिल्ली का कारोबार 83.13 करोड़ रुपये था।

About ATN-Editor

Anytime news:- Web News portal, weekly newspaper, YouTube news channel,

Check Also

Foreign Currency Assets Plunge By Billions; RBI’s Shield Weakens Under Global Pressure

Forex Reserves Bleed: Massive Depletion Hits India’s Sovereign Treasure By Pooja Shrivastava, Any Time News …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *