देवगढ़ में गूंजा प्रकृति संरक्षण का संदेश: वेटलैंड थीम पर बर्ड फेस्टिवल, बुंदेलखंड बनेगा ईको-टूरिज्म हब

एनीटाइम न्यूज नेटवर्क। विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने महावीर स्वामी वन्य जीव अभ्यारण्य, देवगढ़ (ललितपुर) में उत्तर प्रदेश नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल-2026 का भव्य उद्घाटन किया। इस वर्ष फेस्टिवल का आयोजन ‘वेटलैंड एंड ट्रेडिशनल नॉलेज: सेलिब्रेटिंग कल्चरल हेरिटेज’ की थीम पर किया गया, जिसने पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता और सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर जोड़ा।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन विभाग और वन विभाग संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश को ईको-टूरिज्म के राष्ट्रीय और वैश्विक मानचित्र पर अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बर्ड फेस्टिवल एक मजबूत आधारशिला है।

उन्होंने कहा कि देवगढ़ क्षेत्र जैन मंदिरों, बौद्ध गुफाओं, दशावतार मंदिर और बेतवा नदी के किनारे फैली जैव-विविधता के कारण अद्वितीय है। नेचर एंड बर्ड फेस्टिवल के माध्यम से आमजन को प्रवासी पक्षियों के दर्शन, प्रकृति भ्रमण और वेटलैंड संरक्षण से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड’ की ओर बढ़ता यूपी

पर्यटन मंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ और राज्य सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ योजना के बाद अब उत्तर प्रदेश ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड’ लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में 52 वेटलैंड्स सूचीबद्ध किए जा चुके हैं, जहां पर्यटन सुविधाओं के विकास पर कार्य किया जाएगा।

रामसर साइट्स और टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटन को बढ़ावा

जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश की 11 रामसर साइट्स और 4 टाइगर रिजर्व के आसपास ईको-टूरिज्म सुविधाओं के विकास पर सहमति बनी है। यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से आए टूर ऑपरेटर्स उत्तर प्रदेश को अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा योजनाओं में शामिल कर रहे हैं।

ललितपुर-झांसी में 24 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री ने ललितपुर और झांसी जनपदों में करीब 24 करोड़ रुपये की पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड निवेश से रोजगार सृजन, स्थानीय विकास और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना, राज्य मंत्री कृष्ण पाल मलिक, मनोहर लाल पंथ, विधायक रामरतन कुशवाहा सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, प्रकृति प्रेमी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे। इस दौरान कॉफी टेबल बुक, सारस गणना-2025 रिपोर्ट का विमोचन, तकनीकी सत्र, बर्डिंग-ट्रैकिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए।

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