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महिलाओं को कृषि से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

इफको के सहयोग से हुआ कंबल वितरण
एनीटाइम न्यूज नेटवर्क।जनपद के डकोर विकास खंड अंतर्गत ग्राम पडुली में आज औद्यानिक उत्पादक एवं विपणन सहकारी समिति, डकोर के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्राम पडुली की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कृषि क्षेत्र से जोड़कर उनके आर्थिक उन्नयन के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को उन्नत कृषि तकनीकों, औद्यानिक फसलों की खेती, जैविक उत्पादन, मूल्य संवर्धन तथा विपणन की संभावनाओं की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार महिलाएं समूह के माध्यम से सब्जी उत्पादन, फलोद्यान, मशरूम उत्पादन, नर्सरी विकास एवं प्रसंस्करण गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि कर सकती हैं। साथ ही, सहकारी समितियों के माध्यम से बाजार से जुड़ाव और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ के निदेशक डॉ. प्रवीण सिंह जादौन उपस्थित रहे। अपने संबोधन में डॉ. जादौन ने कहा कि “ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ महिलाएं हैं। यदि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कृषि एवं औद्यानिकी से जोड़ा जाए, तो न केवल परिवार की आय बढ़ेगी, बल्कि गांव का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा।” उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ नवाचारों को अपनाएं और सहकारी समितियों के सहयोग से अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाएं।
डॉ. जादौन ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में सरकार एवं विभिन्न संस्थाएं महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों को ऋण सुविधा, प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं विपणन समर्थन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लाभ उठाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार जालौन के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राजावत ने अपने वक्तव्य में कहा कि “सहकारी संस्थाएं ग्रामीण महिलाओं के लिए सशक्त मंच हैं। यदि महिलाएं समूह में कार्य करें और उपभोक्ता भंडार व विपणन समितियों से जुड़ें, तो उनके उत्पादों को उचित बाजार और सही मूल्य मिल सकता है।” उन्होंने सहकारिता के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। समाजसेवी रोहित त्रिपाठी ने कहा कि “महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण ही सामाजिक परिवर्तन की कुंजी है। इस प्रकार के कृषि जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा करते हैं और उन्हें स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।” उन्होंने युवाओं और समाजसेवियों से ग्रामीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में उपस्थित योगाचार्य अरुण कुमार द्विवेदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि “स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के साथ ही आर्थिक प्रगति संभव है। महिलाओं को योग, प्राकृतिक जीवनशैली और कृषि कार्य से जोड़ना उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाता है।” उन्होंने महिलाओं को दैनिक जीवन में योग अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान इफको,उत्तर प्रदेश के सहयोग से उपस्थित महिला सदस्यों को कंबल वितरित किए गए, जिससे महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कंबल वितरण के माध्यम से सामाजिक सरोकार और सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ किया गया।कार्यक्रम में सहकारी समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कृषि विशेषज्ञों एवं बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया। समूह की प्रमुख प्रेमवती सविता सहित उपस्थित महिलाओं ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम उन्हें नई दिशा देते हैं और आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया और भविष्य में भी इस प्रकार के कृषि जागरूकता एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई गई।

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