बहु-राज्य सहकारी समितियों का ऑडिट

 

चंदन पाण्डेय

मौजूदा कानून के अनुसमर्थन द्वारा और सत्तानवें संविधान संशोधन के उपबंधों को शामिल करके बहुराज्य सहकारी समितियों में शासन को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने, जवाबदेही बढ़ाने और चुनावी प्रक्रिया में सुधार आदि के लिए बहु-राज्य सहकारी समितियां (एमएससीएस) (संशोधन) अधिनियम और नियम, 2023 को क्रमश दिनांक 03 अगस्त, 2023 और 04 अगस्त 2023 को अधिसूचित किया गया।

बहु-राज्य सहकारी समितियों की लेखापरीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए निम्नलिखित प्रावधान विशेष रूप से प्रस्तुत किए गए हैं

केंद्रीय रजिस्ट्रार द्वारा अनुमोदित लेखा परीक्षकों के एक पैनल से 500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार/जमा वाली बहु-राज्य सहकारी समितियों के लिए समवर्ती लेखा परीक्षा का उपबंध शामिल किया गया है। समवर्ती लेखापरीक्षा धोखाधड़ी या अनियमितताओं, यदि कोई हो, का शीघ्र पता लगाना सुनिश्चित करेगी और तदनुसार त्वरित सुधार किए जा सकेंगे।
वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बहु-राज्य सहकारी समितियों के लिए लेखा परीक्षकों के निम्नलिखित दो पैनल अधिसूचित किए गए हैं
सांविधिक लेखापरीक्षा करने के लिए पांच सौ करोड़ रुपये तक का वार्षिक टर्नओवर/जमा (जैसा भी मामला हो) वाली बहु-राज्य सहकारी समितियों के लिए लेखापरीक्षकों का पैनल।
सांविधिक और समवर्ती लेखा परीक्षा करने के लिए पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक टर्नओवर/जमा (जैसा भी मामला हो) वाली बहु-राज्य सहकारी समितियों के लिए लेखा परीक्षकों का पैनल।
पपप केंद्र सरकार द्वारा बहु-राज्य सहकारी समितियों के लिए लेखांकन और लेखा परीक्षा मानकों के निर्धारण के लिए एक उपबंध भी शामिल किया गया है।

यह जानकारी लोकसभा में सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक प्रश्न के उत्तर में दी।

 

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