Breaking News

लॉजिस्टिक को जी.डी.पी.के मौजूदा 14 फीसदी से घटाकर 8 फीसदी करना है-(डॉ.) अनिरुद्ध गौतम

“भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका”

भारतीय रेल क्षेत्र में तेजी से अग्रसर नवीनतम तकनीकों पर चर्चा – परिचर्चा तथा उसके इस्तेमाल से भारतीय रेल को होने वाले लाभों के सन्दर्भ में किया।

भारत की जीवन रेखा कही जाने वाली भारतीय रेल देश, की संचार प्रणाली को आधुनिक एवं प्रगतिशील बनाने हेतु, अपनी प्रौद्योगिकी, सेवा, संचालन और समग्र प्रणाली में लगातार नवाचार कर रहा है।

सम्मेलन में फ्रेट कॉरिडोर, स्व-डिज़ाइन वंदे भारत एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, विस्टाडोम जैसी महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं के साथ -साथ स्मार्ट कोच, स्मार्ट लोकोमोटिव, स्मार्ट यार्ड, स्वचालित ट्रेन परीक्षा प्रणाली (ए.टी.ई.एस), नई प्रौद्योगिकी सिग्नलिंग सिस्टम
कोच, नई सिग्नलिंग प्रणाली, लंबी दूरी की मालगाड़ियाँ, उच्च क्षमता और उच्च गति वाले वैगन, किसान रेल, सौर ऊर्जा चालित यात्री कोच आदि के बारे में विस्तार से चर्चा

भानू सिंह

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में 100 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित परिव्यय के साथ पीएम गति-शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का अनावरण किया। पी.एम.जी.एस.एन.एम.पी. का उद्देश्य लॉजिस्टिक को सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) के मौजूदा 14 फीसदी से घटाकर 8फीसदी करना है तथा भारत को मल्टी-मॉडल और इंटर-मोडल परिवहन के माध्यम से एक एकीकृत परिवहन क्षेत्र बनाना है।
यें बातें भारतीय उद्योग परिसंघ के स्मार्ट रेल समिट के पहले संस्करण का आयोजन पर संसाधन एवं परीक्षण आर.डी.एस.ओ.,प्रधान कार्यकारी निदेशक, लखनऊ (डॉ.) अनिरुद्ध गौतम ने ज्ञान हाल गोमती नगर में कही।

(डॉ.) अनिरुद्ध गौतम ने कहा कि रेलवे 2030 तक भारत को पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में प्रमुख भूमिका निभाएगा। यह लक्ष्य हासिल करने हेतु सबसे पहले आयातित प्रौद्योगिकियों और उत्पादों को स्वदेशी विनिर्माण के साथ प्रतिस्थापित किया जाएगा तथा साथ ही निर्यात बढ़ाकर भारत के प्रतिकूल व्यापार संतुलन को कम किया जायेगा ।

कांफ्रेंस अध्यक्ष अवध रेल इंफ्रा लिमिटेड, प्रबंध निदेशक अभिषेक सराफ ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन, रेल सम्बंधित विचार-विमर्श, विशेषज्ञों और उद्द्योगों के लिए एकजुट होने, सहयोग करने और स्मार्ट रेल प्रणालियों के भविष्य का मार्ग प्रशस्त के दिशा में कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट और कुशल रेल प्रणालियों के महत्व को कम करके आंका नहीं जा सकता है। सी.आई.आई. स्मार्ट रेल शिखर सम्मेलन भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, सुरक्षा और तकनीकी उन्नति से संबंधित विचार-विमर्श और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक शशक्त मंच के रूप में काम करेगा।

सम्मलेन के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट – सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन रनित राणा ने कहा कि भारत का रेल नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क है, जो 1,21,000 किमी से अधिक लंबाई तक फैला है और प्रतिदिन 23 मिलियन यात्रियों को ले जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे महत्वाकांक्षी विकास पथ पर है। माल की तेज और मुक्त आवाजाही को देखते हुए इसका माल यातायात 2027 तक दोगुना होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दे रहा है और अगले 2-3 वर्षों में 1 लाख वैगन और अगले 4-5 वर्षों में 40,000 कोच की खरीद की जाने की सम्भावना है ।

सम्मेलन में उद्योग और आरडीएसओ के विशेषज्ञों के साथ-साथ आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों के शिक्षाविदों ने भाग लिया।

 

 

About ATN-Editor

Check Also

अभद्र और अश्लील कन्टेन्ट वाले 18 ओटीटी प्लेटफाम ब्लॉक

ओटीटी प्लेटफार्मों की 19 वेबसाइटों, 10 ऐप्स, 57 सोशल मीडिया हैंडल की सामग्री पर राष्ट्रव्यापी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *