खाद्य मंहगाई को रोकने के लिए एक बार फिर 71.01 एलएमटी गेहूं और 1.62 एलएमटी चावल की बिक्री की ई-टेंडर

हनुमंत मिश्र

खुले बाजार में गेहूं और चावल की उपलब्धता बढ़ाने तथा गेहूं और चावल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए, भारत सरकार 28.06.2023 से साप्ताहिक ई-नीलामी के माध्यम से गेहूं और चावल को बाजार में उपलब्ध करा रही है। भारत सरकार द्वारा खुली बाजार बिक्री योजना (घरेलू) ख्ओएमएसएस (डी), के तहत कुल 101.5 एलएमटी गेहूं और 25 एलएमटी चावल आवंटित किया गया है। गेहूं, एफएक्यू के लिए 2150 रुपये/क्विंटल और यूआरएस के लिए 2125 रुपये/क्विंटल के आरक्षित मूल्य पर दिया जा रहा है। चावल का आरक्षित मूल्य 2900 रुपये /क्विंटल रखा गया है।

इस मौजूदा चरण की पहली ई-नीलामी 28.06.2023 को आयोजित की गई थी, जिसमें 0.86 एलएमटी गेहूं खुले बाजार में बेचा गया। हालाँकि, गेहूं की उपलब्धता बढ़ाने और खुले बाजार में गेहूं की मांग को पूरा करने के लिए, ई-नीलामी में गेहूं की साप्ताहिक पेशकश को धीरे-धीरे शुरुआती 2 एलएमटी से बढ़ाकर वर्तमान साप्ताहिक पेशकश 4.5 एलएमटी तक किया गया है। परिणामस्वरूप, गेहूं की साप्ताहिक बिक्री बढ़कर 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक हो गई है। 24.01.2024 तक ओएमएसएस(डी) के तहत 71.01 एलएमटी गेहूं बेचा जा चुका है।

ओएमएसएस (डी) के तहत गेहूं की माहवार बिक्री इस प्रकार है

2023-24 के लिए ओएमएसएस (डी) के तहत चावल की पहली ई-नीलामी 5 जुलाई 2023 को आयोजित की गई थी। खुले बाजार में चावल की बिक्री बढ़ाने के लिए, भारत सरकार ने चावल का आरक्षित मूल्य 3100 रुपये/क्विंटल से घटाकर 2900 रुपये/क्विंटल कर दिया और चावल की न्यूनतम और अधिकतम मात्रा को क्रमशः 1 मीट्रिक टन और 2000 मीट्रिक टन तक संशोधित किया।

इसके अलावा, व्यापक पहुंच के लिए एफसीआई के क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा नियमित विज्ञापन जारी किये गए, जिसके परिणामस्वरूप, चावल की बिक्री में धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज की गयी। 24.01.2024 तक, 1.62 एलएमटी चावल खुले बाजार में बेचा गया है, जो निजी व्यापारियों को चावल की बिक्री के सन्दर्भ में ओएमएसएस (डी) के तहत किसी भी वर्ष के लिए सबसे अधिक बिक्री है। पिछला उच्चतम रिकॉर्ड 42000 मीट्रिक टन था।

केंद्र सरकार, भारत आटा योजना के तहत नाफेड/ एनसीसीएफ/केंद्रीय भंडार/एमएससीएमएफएल जैसी सहकारी एजेंसियों को भी गेहूं उपलब्ध करा रही है। भारत सरकार द्वारा इस योजना के तहत ओएमएसएस (डी) के कुल 101.5 एलएमटी में से 4 एलएमटी आवंटित किया गया है। ओएमएसएस (डी) योजना के इस उपसमूह के तहत, अर्ध-सरकारी/सहकारी एजेंसियों को 21.50 रुपये /किग्रा पर गेहूं मिल रहा है, जिसे आटे में परिवर्तित करने और आम जनता को उच्चतम 27.50रुपये/किग्रा तक की कीमत पर बेचने के लिए 16.12.2023 को 17.15 रुपये/किग्रा के रूप में संशोधित किया गया है। 29.01.24 तक इन एजेंसियों को 2,80,456 मीट्रिक टन गेहूं बेचा जा चुका है।

केंद्र सरकार इन रणनीतिक उपायों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, कीमतों को स्थिर करने और उपभोक्ताओं व हितधारकों दोनों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन मंहगाई की आग से समाज के कमजोर वर्ग उलझे हुए है।

 

 

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