Breaking News

सनातन धर्म के विरोध का दमन हो शीर्षक से 80 फीट ऊंचे रावण के जलते हुए पुतले का दहन

 

– धूमधाम से मना दशहरा पर्व

 

अधर्म पर धर्म के प्रतीक विजयादशमी का पावन पर्व मंगलवार को श्री रामलीला समिति ऐशबाग के तत्वावधान में रामलीला मैदान ऐशबाग में रावण के पुतले के दहन संग धूमधाम व हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया।

ऐशबाग रामलीला मैदान में 80 फीट ऊंचे रावण के पुतले को जलते हुए देख लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। इस दौरान श्री रामलीला कमेटी ऐशबाग द्वारा भव्य रंगीन आतिशबाजी का भी प्रदर्शन किया गया। रावण के पुतले के दहन के पूर्व मंच पर मंदोदरी रावण संवाद, मेघनाथ वध, राम रावण युद्ध और रावण वध लीला भी हुई।

इस अवसर पर श्री रामलीला समिति ऐशबाग के अध्यक्ष हरीशचन्द्र अग्रवाल और सचिव पं0 आदित्य द्विवेदी ने राज्य सभा सांसद और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, नम्रता पाठक, दुर्गा शंकर मिश्रा मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार, प्रशांत कुमार एडीजीपी लॉयन ऑडर को पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और रामचरितमानस की प्रतियां भेंटकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर सर्वेश अस्थाना, मयंक रंजन सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के अलावा तमाम दर्शक उपस्थित थे।
इस अवसर पर श्री रामलीला समिति ऐशबाग के अध्यक्ष हरीशचन्द्र अग्रवाल और सचिव पं. आदित्य द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश के राज्य सभा सांसद व पूर्व उप-मुख्यमंत्री डॉ0 दिनेश शर्मा, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, नम्रता पाठक, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा को पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और रामचरितमानस की प्रतियां भेंटकर सम्मानित किया।

समारोह में राज्य सभा सांसद डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि विजयादशमी असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म, बुराई पर अच्छाई और रावण पर राम की विजय प्राप्त करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस एक अद्वभुत ग्रन्थ है। डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि ऐशबाग रामलीला का अपना इतिहास रहा है। इसका इतिहास 16वीं शताब्दी में दर्ज है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि आने वाले दिनों में ऐशबाग की रामलीला प्रदेश की ही नही, भारत की नम्बर वन रामलीला होगी। प्रमुख सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि रामायण में निहित राम जी का जीवन, उनका चरित्र, उनका आचरण, उनका व्यवहार सभी चीजों को, व्यक्ति को अपने जीवन में उतारना चाहिए, उससे सीखना चाहिये। गोस्वामी तुलसी दास जी के पग चिन्हों से पल्लवित ऐशबाग की राम लीला बहुत खास है। दशहरे पर रावण के पुतले को जलाकर हम सभी यह स्मरण करते हैं कि असत्य पर सत्य की विजय होती है। इस मौके पर सर्वेश अस्थाना सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के अलावा तमाम दर्शक उपस्थित थे।

 

 

 

 

About ATN-Editor

Check Also

भारतीय नववर्ष मेला एवं चैती महोत्सव 9 अप्रैल से 

      लखनऊ , 7 अप्रैल 2024। तुलसी शोध संस्थान उत्तर प्रदेश के अंतर्गत …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *