मानवता और प्रौद्योगिकी के बीच एक स्थायी और सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना हैं- आरबीआई आरडी के डॉ. बालू केंचप्पा

आरबीआई के वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2024का शुभारंभ

पूजा श्रीवास्तव

डिजिटल विकास के इस युग में, साइबर स्वच्छता के बारे में जागरूकता बढ़ाना हमारे प्रौद्योगिकी-संचालित समाज के लिए जरूरी है क्योंकि यह मानवता और प्रौद्योगिकी के बीच एक स्थायी और सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देता है, जिससे एक उज्जवल और अधिक संतुलित भविष्य सुनिश्चित होता है। यें बातें इस वर्ष के वित्तीय साक्षरता सप्ताह की थीम, करो सही शुरुआत, बनो वित्तीय स्मार्ट की एफएलडब्ल्यू 2024 उद्घाटन समारोह का शुभारंभ करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बालू केंचप्पा ने लखनऊ कार्यालय में कही।

उन्होंने सभी को सुरक्षा-केंद्रित मानसिकता और आदतें विकसित करने/अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जो व्यक्तियों और संगठनों को संभावित ऑनलाइन उल्लंघनों को कम करने में मदद करती हैं जैसे कि पिन (व्यक्तिगत पहचान संख्या), पासवर्ड और क्रेडिट अथवा डेबिट कार्ड नंबर, सीवीवी, आदि को निजी रखना और गोपनीय वित्तीय जानकारी को बैंकों/वित्तीय संस्थानों, दोस्तों अथवा यहां तक कि परिवार के सदस्यों के साथ साझा करने से बचना चाहिए।

क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि वित्तीय साक्षरता, ग्राहक सुरक्षा और शिकायत निवारण स्थायी वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने के लिए फोकस के क्षेत्र रहे हैं। क्रेडिट, निवेश, बीमा और पेंशन से संबंधित वित्तीय उत्पादों तक अधिक पहुंच की आवश्यकता को आम लोगों के बीच पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना सभी हितधारकों की जिम्मेदारी है कि वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र (डिजिटल माध्यम सहित) समावेशी हो और जोखिमों जैसे कि गलत-बिक्री, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता को प्रभावी ढंग से संबोधित करने में सक्षम हों।

इसके पश्चात साक्षरता पोस्टरों का अनावरण और एफएलडब्ल्यू थीम के साथ स्काई बैलून का अनावरण किया गया।

गौरतलब है कि भारतीय रिज़र्व बैंक देश भर में वित्तीय शिक्षा संदेशों का प्रचार-प्रसार करने के लिए 2016 से प्रत्येक वर्ष साक्षरता सप्ताह आयोजित कर रहा है। अपने वित्तीय साक्षरता आउटरीच में छात्रों और युवा वयस्कों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, इस वर्ष के वित्तीय साक्षरता सप्ताह की थीम, करो सही शुरुआत, बनो वित्तीय स्मार्ट की संकल्पना की गई है। इसका उद्देश्य जनता को अपने वित्तीय भविष्य की जिम्मेदारी लेने के लिए सशक्त बनाने के लिए वित्तीय आघात सहनीयता तैयार करना है। वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2024, 26 फरवरी से 01 मार्च 2024 के बीच मनाया जा रहा है। इस दौरान बचत और कंपाउंडिंग की शक्ति, छात्रों के लिए बैंकिंग आवश्यकताएँ और डिजिटल और साइबर स्वच्छता के बारे में जागरूकता का प्रसार करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
आरबीआई, लखनऊ छात्र समूहों और युवा वयस्कों को लक्षित करते हुए कई आउटरीच कार्यक्रम किए जा रहे हैं। गतिविधियों में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बड़े पैमाने पर जनता के लिए वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों का आयोजन और छात्रों, ट्रांसजेंडर, दिव्यांगों और अनाथालयों के बच्चों के लिए विशेष साक्षरता शिविरों के माध्यम से प्रसार शामिल है। इन कार्यक्रमों में भारतीय रिज़र्व बैंक के अधिकारी भी भाग लेंगे। बैंकों को सूचित किया गया है कि वे आरबीआई द्वारा तैयार की गई सामग्री को अपनी वेबसाइटों, एटीएम, मोबाइल एप्लिकेशन और अपनी शाखाओं में लगे हुए डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित करें।
आरबीआई लखनऊ मेट्रो स्टेशनों, चारबाग रेलवे स्टेशन, लखनऊ जंक्शन और राजधानी के प्रमुख स्थानों पर एलईडी और डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से चुने हुए विषय पर आवश्यक वित्तीय जागरूकता संदेश प्रसारित करने के लिए एक मास मीडिया अभियान भी चला रहा है। उत्साह को बढ़ाने के लिए, राज्य भर में नुक्कड़ नाटक और मैजिक शो आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्याक्रम में भारतीय रिज़र्व बैंक, कानपुर, क्षेत्रीय निदेशक ईशान शुक्ला भारतीय स्टेट बैंक के सीजीएम, नाबार्ड के उपमहाप्रबंधक और सभी प्रमुख बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ -साथ शिक्षा विभाग एवं यूपीएसआरएलएम,और आरबी श्रोता आरबीआई की महाप्रबंधक सुश्री सुनाली दास प्रबंधक अक्षय सिंह वित्तीय समावेशन की प्रबंधक शिवानी के और अधिकारी मौजूद रहे।

About ATN-Editor

Anytime news:- Web News portal, weekly newspaper, YouTube news channel,

Check Also

Digital Census 2027 Begins May 7: Citizens Can Self-Report Data via Mobile

Tech-Driven Enumeration with 500,000 Staff Set to Transform India’s Biggest Survey Anytime News Network | …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *