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नफरत को सिर्फ महोब्बत से जीत सकते है इसका कोई विकल्प नही- मौलाना हकीमुद्दीन क़ासमी

प्रमुख संगठनों द्वारा अम्न व इन्साफ कांफ्रेंस का आयोजन
विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों के रहनुमा हुए इकठ्ठा
लखनऊरू हमारा देश भारत एक विविधतापूर्ण समाज है। यह विभिन्न धर्मों, पंथों, रंगों, भाषाओं, जातियों और संस्कृतियों का उद्गम स्थल है। भारत दुनिया का उभरता हुआ देश, दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, दूसरा सबसे बड़ा बाजार और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। सदियों से विभिन्न समुदायों के बीच सामाजिक स्तर पर सौहार्द की ऐसी मिसाल दुनिया में कहीं नहीं है। देश के स्वतंत्रता संग्राम में सभी धर्मों और वर्गों के लोगों ने भाग लिया और आजादी के बाद देश के संविधान ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, न्याय, समानता, भाईचारा और उसके मूल्यों को शांति और सुरक्षा का आधार बनाया।
इधर कुछ वर्षों से देश की इस मजबूत और स्थिर सामाजिक संरचना को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सांप्रदायिक लोग राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन कर रहे हैं। नफ़रत फैलाने वाले और भड़काऊ बयानों से लगातार सांप्रदायिक तनाव और अराजकता बढ़ रही है।
लव जिहाद, समान नागरिक संहिता, हिजाब, धर्म परिवर्तन, पसमांदा मुसलमान जैसे गैर ज़रूरी मुद्दों के सामने असल सामाजिक मुद्दे जैसे ग़ुरबत, बेरोजगारी, महंगाई, निजकारी और स्वास्थ व शिक्षा के गिरते स्तर पर तवज्जह नहीं दी जा रही है. सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी इस सांप्रदायिक स्थिति को बढ़ावा दे रही है। इस तरह का सांप्रदायिक ध्रुवीकरण देश की अर्थव्यवस्था, अखंडता और धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर कर रहा है।
इसी पृष्ठभूमि में देश के प्रमुख संगठनों और मानवता पसन्द नागरिकों द्वारा ष्शांति एवं न्यायष् अभियान चलाया जा रहा है। जिसके द्वारा सभी देशवासियों से शांति, समानता, सद्भाव, सहिष्णुता और मानवता स्थापित करने और भारत को एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समृद्ध और न्यायपूर्ण देश बनाने की अपील की जा रही है।
इसी सम्बन्ध में लखनऊ के गांधी भवन में श्श्ष्अम्न व इन्साफ कांफ्रेंसष्श्श् आयोजित हुई। जिसमें विभिन्न संगठनों और विभिन्न धर्मों के लीडरों ने अपने विचार व्यक्त किये।
मौलाना असगर अली इमाम मेहदी सलफी अध्यक्ष जमीयत अहले हदीस हिंद की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में मौलाना हकीमुद्दीन क़ासमी जनरल सेक्रेटरी जमीयत उलमा हिंद, सैय्यद सआदतुल्लाह हुसैनी अमीर जमात-ए-इस्लामी हिंद, मौलाना शमशाद रहमानी नायब अमीर शरिया बिहार, मलिक मोतसिम खान नायब अमीर जमात-ए-इस्लामी हिंद, मुजतबा फारूक सदस्य जमात-ए-इस्लामी हिंद, मौलाना यासीन अली उस्मानी उपाध्यक्ष आल इंडिया मिल्ली कौंसिल, डॉ. अब्दुल अजीज मुबारकपुरी नायब अमीर प्रांतीय जमीयत अहले हदीस पूर्वी यूपी, बी० डी० नकवी पूर्व न्यायाधीश लखनऊ, मौलाना अनिसुर्रहमान कासमी नायब अध्यक्ष ऑल इंडिया मिल्ली कौंसिल, मौलाना सैय्यद जाफर मसूद हसनी नदवी, दारुल उलूम नदवतुल उलमा के महाप्रबंधक, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली इमाम ईदगाह लखनऊ, सय्यद सैफ अब्बास नकवी शिया सेंट्रल चाँद कमेटी लखनऊ, प्रोफेसर रवि कांत लखनऊ विश्वविद्यालय, ज्ञानी सुखदेव सिंह गुरुद्वारा नाका हिंडोला लखनऊ, भिक्षु सुमन रतन बौद्ध धर्मगुरु लखनऊ, डोनाल्ड डिसूजा कैथेड्रल चर्च लखनऊ, संदीप पाण्डेय समाजी कार्यकर्ता ने अपने विचार व्यक्त किये.

 

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