सरकारी समितियों के कार्यक्षेत्र में विस्तार होने के कारण समितियों को अब अपने नये स्वरूप में कार्य करने की जरूरत
नवीन तकनीक व संसाधनों के प्रयोग से समितियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन बनेंगी
जिन क्षेत्रों में समितियां नहीं है, वहां नयी समितियां बनायी जाय
किसानों की उपज को संरक्षित करने के लिए भण्डारण की उचित व्यवस्था की जा रही
-डॉ0 आशीष कुमार भूटानी
वर्तमान समय में सरकारी समितियों के कार्यक्षेत्र में विस्तार होने के कारण समितियों को अब अपने नये स्वरूप में कार्य करने के लिए नवीन तकनीक व संसाधनों का प्रयोग करना चाहिए। इससे समितियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। यह विचार सचिव, सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार डॉ0 आशीष कुमार भूटानी ने लखनऊ स्थित आयुक्त एवं निबंधक कार्यालय उ0प्र0 के सभाकक्ष में प्रमुख सचिव सहकारिता, उ0प्र0 शासन के साथ विभाग के प्रबंध निदेशक, अपर आयुक्त एवं अपर निबन्धकों तथा प्रदेश के अन्य 09 विभागों के विभागाध्यक्षों के साथ बैठक करते हुए व्यक्त किये।
इस अवसर पर डॉ0 भूटानी ने पहले समितियों के कार्य क्षेत्र के विषय में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिये कि जिन क्षेत्रों में समितियां नहीं है, वहां नयी समितियां बनायी जाय। समितियों में नये लोगों को जोड़ा जाय। इसके लिए लोगों से नियमित सम्पर्क किये जायं। सचिव भारत सरकार ने कहा कि किसानों की उपज को संरक्षित करने के लिए भण्डारण की उचित व्यवस्था की जा रही है।
सहकारी बैंक देशभर में लगातार डिफॉल्टरों की संख्या में शामिल हो रहे हैं आम लोगों का पैसा कैसे सुरक्षित रहेगा। इस सवाल के जवाब में डॉक्टर भूटानी ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के साथ हर महीने लगातार संवाद कर रहा है साथ ही उससे जुड़े हुए समाधानों को निकालने की कोशिश कर रहा है कुछ मामले काफी पुराने हैं जिसकी वजह से वह हो नहीं पा रहे हैं वहीं नये मामलों को लेकर रिजर्व बैंक आफ इंडिया और सहकारिता मंत्रालय इस पर काम कर रहा है जिसकी वजह से आने वाले समय में सहकारी बैंक पब्लिक सेक्टर बैंक की तरह सुरक्षित और तेज तर्रार होंगे इनको आधुनिक सुविधाओं के लिए हमने दो एजेंसियां बनाई है जो अंब्रेला टाइप हैं । एट टेक्नोलॉजी को सभी कोऑपरेटिव बैंकों को न्यूनतम दर पर उपलब्ध कराएंगे जिससे सहकारी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के बैंक बेहतर सुविधा प्रदान कर सकेंगे। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सहकारिता सौरभ बाबू ने विभागीय कार्यों की प्रगति रिपोर्ट को प्रस्तुत करते हुए विभाग में हो रहे नवीन कार्यों के विषय में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 में उ0प्र0 सहकारिता विभाग द्वारा किये जा रहे जनहित व जागरूकता के कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आईवाईसी-2025 के शुभारम्भ पर मेगा इवेंट का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा सहकारिता ध्वज फहरा कर किया गया। ‘‘आईवाईसी-2025 लोगो’’ के साथ समस्त कार्यालयों के बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स, लेटर पैड आदि का रीब्रांडिंग का कार्य किया गया। प्रदेश में ‘‘रन फॉर कोआपरेशन’’ आईवाईसी-2025 के तहत मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन में 5,000 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया, जिसमें खेल, स्कूल, कॉलेज, विभिन्न संगठनों और सभी सहकारी संस्थानों के प्रतिभागी शामिल हुए। साथ ही प्रदेश में सहकारिता विभाग द्वारा महाकुंभ-2025, प्रयागराज में स्टॉल की स्थापना की गयी जिसमें यूपीसीबी की विभिन्न ऋण योजनाओं और उत्पादों का प्रदर्शन, सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रमुख कार्यक्रम ‘‘सहकार से समृद्धि’’ के तहत उठाए गए विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूकता एवं उत्तर प्रदेश की विभिन्न सहकारी संस्थाओं की उपलब्धियों को उजागर करना, जो गोदाम निर्माण, भवन निर्माण आदि में संलग्न हैं की प्रदर्शनी लगायी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूपीएसडब्ल्यूसी के 20,000 एमटी गोदामों का उद्घाटन किया जा रहा है।
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