राजपूत रेजिमेंट की शौर्य परंपरा और सैनिकों की कर्तव्यनिष्ठा ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है-लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार

 

राजपूत रेजिमेंटल सेंटर में 05 से 07 दिसंबर 2025 तक ‘33वीं बायनयल कॉन्फ्रेंस ‘ (द्विवर्षीय कॉन्फ्रेंस) आयोजित की गयी, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार जी ओ सी-इन-सी पश्चिमी कमान और कर्नल ऑफ द राजपूत रेजिमेंट, वरिष्ठ सेवारत एवं सेवानिवृत अधिकारी, सभी बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर्स और सूबेदार मेजर सम्मिलित हुए I इस अवसर पर सभी पदों ने रेजिमेंट के महत्वपूर्ण सामरिक विषयों पर चर्चा की I

07 दिसंबर 2025 को एक भव्य एवं गरिमामयी सैन्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सभी वरिष्ठ सैन्य पदों ने करियप्पा वार मेमोरियल पर पहुंचकर अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। जिसने वातावरण को भावनात्मक और गौरवपूर्ण बना दिया।

पुष्पांजलि अर्पित करने के उपरांत विशेष सैनिक सम्मलेन का आयोजन हुआ जहाँ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार जी ओ सी-इन-सी पश्चिमी कमान और कर्नल ऑफ द रेजिमेंट द्वारा लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह साही कमांडांट, आर्मी वार कॉलेज, महू को ‘बैटन’ सौंपकर ‘कर्नल ऑफ द राजपूत रेजिमेंट’ के अतिप्रतिष्ठित पद का औपचारिक हस्तांतरण सम्पन्न किया गया।

नव नियुक्त 19वें कर्नल ऑफ़ द रेजिमेंट ने भूतपूर्व 18वें कर्नल ऑफ़ द रेजिमेंट को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के सम्मान स्वरुप उन्हें स्क्राल भेंट की I

सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व और नव नियुक्त कर्नल ऑफ़ द रेजिमेंट ने सैनिकों के साहस, अनुशासन और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजपूत रेजिमेंट की शौर्य परंपरा और सैनिकों की कर्तव्यनिष्ठा ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। रेजिमेंट के हर रैंक का प्रत्येक सैनिक इस विरासत को और ऊँचाइयों पर ले जाने में सक्षम है।

About ATN-Editor

Anytime news:- Web News portal, weekly newspaper, YouTube news channel,

Check Also

Skill Boost for Steel Sector: NISST Launches Industry-Focused Training Programs

India Eyes 300 MT Steel Target by 2030, Skill Push to Unlock Massive Job Opportunities …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *