तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान से लेकर मेडिकल टूरिज्म तक, बजट में आयुष का बड़ा विस्तार

बजट 2026 में आयुष को नई ताकत: भारत बनेगा समेकित स्वास्थ्य देखभाल का वैश्विक केंद्र

एनीटाइम न्यूज नेटवर्क। केंद्रीय बजट 2026–27 में आयुष प्रणाली को भारत की समेकित स्वास्थ्य देखभाल के केंद्र में स्थापित करते हुए सरकार ने कई ऐतिहासिक और दूरदर्शी घोषणाएं की हैं। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री  प्रतापराव जाधव ने इन घोषणाओं के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के लिए मील का पत्थर बताया।

श्री जाधव ने कहा कि यह बजट समग्र, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें आयुष एक मजबूत और अनिवार्य स्तंभ के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आयुष ने संस्थागत सुदृढ़ीकरण, वैश्विक पहचान, डिजिटल विस्तार और अनुसंधान में अभूतपूर्व प्रगति की है, और बजट 2026 उसी मजबूत आधार पर आगे का रास्ता तय करता है।

बजट में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली स्नातक एवं परास्नातक शिक्षा, उन्नत अनुसंधान और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। इन संस्थानों से देशभर में शैक्षणिक मानकों को नई ऊंचाई मिलने के साथ-साथ साक्ष्य-आधारित समेकित स्वास्थ्य सेवा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही आयुष फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को उच्च प्रमाणन मानकों के अनुरूप उन्नत किया जाएगा। इससे उत्पाद गुणवत्ता, उपभोक्ता विश्वास और निर्यात क्षमता में वृद्धि होगी तथा औषधीय पौधों की खेती से जुड़े किसानों और आयुष आधारित MSME इकाइयों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

भारत के वैश्विक नेतृत्व को और सशक्त करते हुए जामनगर स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वैश्विक पारंपरिक औषधि केंद्र को उन्नत किया जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सहयोग, प्रशिक्षण और नीतिगत संवाद को बढ़ावा मिलेगा और भारत पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

बजट में पांच क्षेत्रीय आयुष चिकित्सा पर्यटन केंद्रों की स्थापना का भी प्रस्ताव है, जो उन्नत चिकित्सा, पारंपरिक उपचार और पुनर्वास सेवाओं का एकीकृत मॉडल प्रस्तुत करेंगे। इससे आयुष चिकित्सकों, योग प्रशिक्षकों, थेरेपिस्ट और संबंधित पेशेवरों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

इसके अलावा, राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) के अंतर्गत केयरगिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम में योग और स्वास्थ्य देखभाल को शामिल कर अगले वर्ष लगभग 1.5 लाख केयरगिवर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री जाधव ने कहा कि यह बजट स्वास्थ्य नीति को ग्रामीण आजीविका, युवा रोजगार, निर्यात वृद्धि और उद्यमिता से जोड़ता है और भारत को साक्ष्य-आधारित समग्र स्वास्थ्य सेवा का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है।

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