भारत की बढ़ती हुई जनसंख्या बोझ नहीं है बल्कि वह हमारी अर्थव्यवस्था को विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनने के लिए कारगर सिद्ध हो सकती है-पवन सिंह

स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ताओं की तीन दिवसीय राष्ट्रीय परिषद बैठक शुक्रवार से लखनऊ में शुरू हुई ।
एस आर ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन बीकेटी में शुक्रवार से शुरू हुई राष्ट्रीय परिषद बैठक में भारत के सभी राज्यों से स्वदेशी जागरण मंच के पदाधिकारी भाग ले रहे हैं । प्रांत, क्षेत्र एवं राष्ट्रीय स्तर के कार्यकर्ता तीन दिन तक विभिन्न विषयों पर चिंतन मंथन करेंगे । राष्ट्रीय परिषद के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मंच के अखिल भारतीय संयोजक मदुरई तमिलनाडु के आर सुंदरम ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा संचालित गतिविधियों का वर्ष भर का लेखा-जोखा लिया तथा स्वावलंबी भारत अभियान के माध्यम से देश भर में युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करने हेतु किए जा रहे जन जागरण अभियान की समीक्षा भी की ।
मंच की इस राष्ट्रीय परिषद में शुक्रवार को “जनसंख्या और अर्थव्यवस्था” विषय पर एक प्रस्ताव भी पारित किया गया । मंच का मानना है कि भारत की बढ़ती हुई जनसंख्या बोझ नहीं है बल्कि वह हमारी अर्थव्यवस्था को विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनने के लिए कारगर सिद्ध हो सकती है बशर्ते 37 करोड़ युवा शक्ति को उद्यमिता की ओर जोड़ा जा सके।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए एसआर इंस्टीट्यूट के निर्देशक पवन सिंह चौहान ने कहा कि देश की समृद्धि स्वदेशी से ही संभव है, यदि हम विदेशी और आयातित वस्तुओं पर निर्भर रहे तो हमारे उद्यम समाप्त हो जाएंगे और हम केवल विदेशी कंपनियों के ट्रेडर्स बनकर रह जाएंगे ।
स्वदेशी जागरण मंच इस राष्ट्रीय परिषद बैठक में “उद्यमिता के जैविक पथ” विषय से देश को जैविक उद्यमिता के रूप में नई संकल्पना पर विचार कर रहा हे ।
स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ धर्मेंद्र दुबे ने जानकारी दी की राष्ट्रीय परिषद बैठक में 45 प्रांतों के 300 से अधिक पदाधिकारी भाग ले रहे हैं स्वदेशी जागरण मंच के अलावा लघु उद्योग भारती, अक्षय कृषि परिवार, वनवासी कल्याण आश्रम, सहकार भारती, सेवा भारती, गायत्री परिवार, हिंदू जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद और पर्यावरण गतिविधि के राष्ट्रीय प्रमुख गोपाल जी सहित प्रमुख पदाधिकारी भी इस चिंतन मंथन में सक्रियता से भाग ले रहे हैं।
राष्ट्रीय परिषद के प्रथम दिवस “वैश्विक बाजार की शक्तियां चुनौती प्रभाव एवं परिवर्तन” विषय पर पुस्तिका का विमोचन भी किया गया । स्वदेशी मेला, स्वदेशी शोध संस्थान, स्वदेशी प्रवाह, स्वदेशी मीडिया, पंच परिवर्तन, माय एसबीए पर भी चर्चा हुई । वर्ष 2047 के लिए समृद्ध एवं महान भारत कैसे बने इस हेतु विस्तृत रोड मैप आगामी कार्य योजनाओं का इस परिषद बैठक में निर्धारित किया जा रहा है ।   
राष्ट्रीय परिषद बैठक में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संयोजक आर. सुंदरम, राष्ट्रीय संगठक कश्मीरी लाल, राष्ट्रीय सह संगठक सतीश कुमार, कोलकाता से अखिल भारतीय सहसंयोजक धनपत राम अग्रवाल, नागपुर से अजय पतकी, दिल्ली से राजकुमार मित्तल, सवाई माधोपुर से अर्चना मीणा, भोपाल से जितेंद्र गुप्त, कर्नाटक से डॉक्टर लिंगमूर्ति, तमिलनाडु से सत्यनारायण, त्रिपुरा से डॉक्टर दीपक शर्मा, गुवाहाटी से अन्नदाता शंकर पाणिग्रही, जोधपुर से डॉक्टर रंजीत सिंह, बाड़मेर से किसान नेता भागीरथ चौधरी, राजकोट से रमेश दवे, मुंबई से प्रशांत देशपांडे, मेरठ से डॉ राजीव कुमार, लखनऊ से अनुपम श्रीवास्तव एवं आईआईडी के निदेशक मुकेश शुक्ला सहित उत्तर प्रदेश उत्तराखंड दिल्ली हरियाणा के प्रमुख शिक्षाविद एवं अर्थशास्त्री भाग ले रहे हैं ।

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