आज 25000 करोड़ का हस्तशिल्प सामानों का निर्यात किया जा रहा है यह कम से कम पांच गुना तक हो सकता है -सीजीएम नाबार्ड

हमारा नारा है गांव बड़े तो देश बड़े

उत्तर प्रदेश की राजधानी में सज गया है भौगोलिक संकेत के उत्पाद और हस्तशिल्प मेला धरोहर

पूजा श्रीवास्तव

आज 25000 करोड़ का हस्तशिल्प सामानों निर्यात किया जा रहा है यह कम से कम पांच गुना तक हो सकता है इस क्षेत्र में असीम सम्भावनाएं है। हमें इस पर फोकस करने की जरुरत है क्योंकि इसके बढ़ने से देश ने जो लक्ष्य फाइव ट्रिलियन इकोनामी का रखा गया है उसमें उत्तर प्रदेश का वन ट्रिलियन योगदान कर सकता हैं। यें बातें भौगोलिक संकेत के उत्पाद और हस्तशिल्प मेला धरोहर जो 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के मुख्य महाप्रबंधक एवं राज्य प्रमुख संजय एस डोरा ने अवध शिल्प ग्राम के प्रर्दशनी हॉल में कही।

उन्होंने कहा कि जी आई से हमारे प्रोडक्टों की 10 से 15 फीसदी कीमतों में बढ़ोतरी होती है।
उन्होंने कहा कि यूनाइटेड नेशन का सर्वे बतलाता है जी आई का सामान दूसरे सामानों से बेहतर और एक ब्रांड के रूप में पेश किया जाता है जिसका फायदा वहां के कामगारों और व्यापारियों के साथ सबसे ज्यादा ग्राहकों को मिलता है क्योंकि उनको सही उत्पाद सही कीमत पर मिलता है जिससे वह कभी अपने आप को ठगा महसूस नहीं करते हैं।
महाप्रबंधक ने कहा कि उत्तर प्रदेश नाबार्ड कार्यालय ने 70 ज्योग्राफिकल इंडिकेटर के लिए रजिस्ट्रेशन किया है और उम्मीद है कि नवंबर में 10 उत्पाद पंजीकृत हो जाएंगे। हमारा नारा है गांव बड़े तो देश बड़े।

श्री डोरा ने कहा कि रुरल मार्केटिंग के लिए ओएनसीडी प्लेटफार्म या दूसरे ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर भी मदद कर उत्पादों की बिक्री बढ़ाने का लगातार प्रयासरत है।।

 


आर्यावर्त बैंक के अध्यक्ष संतोष एस ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों के भौगोलिक संकेत के लिए नाबार्ड मदद कर रहा है उसके लिए उत्तर प्रदेश की तीनों क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी सहयोगी के रूप में अपने आप को स्थापित करेंगे ताकि उत्तर प्रदेश का निर्यात का जो लक्ष्य तय किया गया है उसको पार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि धरोहर एक ऐसा प्लेटफार्म बनाने की नायाब कोशिश नाबार्ड ने की है जिसकी जितनी तारीफ की जाए उतना कम है।

इस मौके पर एक ग्राहक का कहना था कि हम विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियों के प्रोडक्टों को ना खरीद कर बल्कि अपने देश के हस्तशिल्पियों का सामान खरीदें तो हमको दो फायदे होते हैं पहले यह कि हमको उत्पाद अच्छा मिलता है दूसरा यह कि हमारे लोगों का आर्थिक स्वालंबन और उत्थान होता है और वहीं तीसरा सबसे बड़ा फायदा हमारे विदेशी मुद्रा का भंडार भरा रहता है। ग्राहक ने कहा कि भौगोलिक संकेत के उत्पादों के खरीदने के बाद शु़द्वता का भरोसा मिलता है।

इस मौके पर प्रतिमा यूपी ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक जेपी अग्रवाल, बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र एन ए एस एल के प्रिंसिपल एस एन मलिक नाबार्ड के उपमहाप्रबंधक राजीव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

प्रदशर्नी का आयोजनकर्ती नारी कल्याण शिक्षण एवं प्रशिक्षण सस्थान की निदेशक अफसाना खान ने सभी मेहमानों का स्वागत किया।

 

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