“AI: Bubble, Breakthrough or Something Else? An Economic Perspective”

एनी टाइम न्यूज़ नेटवर्क।

मर्चेंट्स चैम्बर ऑफ उत्तर प्रदेश (MCUP) की इनफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी कमिटी द्वारा “AI: Bubble, Breakthrough or Something Else? An Economic Perspective” विषय पर एक विचार-विमर्श सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र के मुख्य वक्ता प्रो. विमल कुमार (आई.आई.टी. कानपुर) रहे।

कार्यक्रम का संचालन कमलेश जैन द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एमसीयूपी के पूर्व अध्यक्ष अतुल कनोडिया द्वारा मुख्य वक्ता को प्लांटर भेंट कर की गई।

इनफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी कमिटी के चेयरमैन, सीए अनिल के. सक्सेना ने स्वागत भाषण देते हुए विषय की समसामयिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

विषय “AI” और वक्ता का संक्षिप्त परिचय कमिटी के एडवाइजर सीए मनु अग्रवाल द्वारा दिया गया

इसके पश्चात पूर्व अध्यक्ष मुकुल टंडन द्वारा प्रो. विमल कुमार को स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया।

अपने व्याख्यान में प्रो. विमल कुमार ने कहा कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर उत्साह, निवेश और बहस अपने चरम पर है। कुछ लोग इसे अगली औद्योगिक क्रांति मान रहे हैं, जबकि कुछ “AI बबल” की चेतावनी दे रहे हैं। इस संदर्भ में उन्होंने AI को एक जनरल-पर्पस टेक्नोलॉजी (GPT) के रूप में देखने पर ज़ोर दिया—ठीक उसी तरह जैसे कभी बिजली और कंप्यूटर को देखा गया था।

उन्होंने बताया कि AI में भारी निवेश, ऊँची अपेक्षाएँ और मीडिया हाइप बबल की आशंका को जन्म देते हैं, लेकिन इतिहास यह सिखाता है कि हाइप और अल्पकालिक निराशा, दीर्घकालिक संरचनात्मक बदलाव का अंत नहीं होतीं, बल्कि उसी प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं। असल सवाल यह नहीं है कि AI सफल होगा या नहीं, बल्कि यह है कि कब, कहाँ और किसके लिए यह प्रभावी सिद्ध होगा।

प्रो. कुमार ने आगे कहा कि AI उन कार्यों में अधिक प्रभावी दिखाई देता है जहाँ कार्य स्पष्ट हों, पर्याप्त डेटा उपलब्ध हो और निर्णय दोहराव वाले हों—जैसे कस्टमर सपोर्ट, कोडिंग के कुछ हिस्से तथा कंटेंट ड्राफ्टिंग। वहीं, जटिल, संदर्भ-आधारित और उच्च जिम्मेदारी वाले कार्यों में AI अभी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता। AI के व्यापक उपयोग (डिफ्यूजन) की गति धीमी इसलिए है क्योंकि फर्मों को केवल नए टूल अपनाने नहीं, बल्कि पूरे वर्कफ़्लो और संगठनात्मक प्रक्रियाओं में बदलाव करने पड़ते हैं।

सत्र की समापन टिप्पणी सीए सुधींद्र जैन द्वारा प्रस्तुत की गई।

अंत में चैम्बर के पूर्व-अध्यक्ष मुकुल टंडन ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सभी वक्ताओं, अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सीए राहुल चंद्रा, सीए अतुल अग्रवाल, सीए अमित पांडेय, सीए छवि जैन, सुनील त्रिवेदी सहित चेम्बर के अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे।

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