सिल्क एक्सपो में विकास के दावे, लेकिन रेशम उद्योग की जमीनी चुनौतियां बरकरार

उत्पादन बढ़ने के दावों के बीच किसान-बुनकरों की आय पर सवाल


एनीटाइम न्यूज नेटवर्क। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सिल्क एक्सपो-2026 का भव्य शुभारंभ कर योगी सरकार ने रेशम उद्योग को नई पहचान देने का दावा किया है, लेकिन इन दावों के बीच उद्योग की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। मंत्री राकेश सचान और नरेन्द्र कश्यप की मौजूदगी में उद्घाटन समारोह और सम्मान कार्यक्रम जरूर आयोजित हुआ, मगर विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े आयोजनों से ज्यादा जरूरी है कि किसानों और बुनकरों की आय में स्थायी सुधार दिखे।

सरकार के अनुसार प्रदेश में रेशम उत्पादन 27 मीट्रिक टन से बढ़कर 450-500 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। हालांकि जानकारों का मानना है कि उत्पादन बढ़ना तभी सार्थक है जब बाजार, उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो। कई छोटे उत्पादक अब भी लागत, प्रशिक्षण और विपणन सुविधाओं की कमी से जूझते हैं।

1630 लाभार्थियों को 32.49 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता दिए जाने का दावा किया गया है, लेकिन यह संख्या प्रदेश के विशाल कृषि समुदाय की तुलना में बेहद सीमित मानी जा रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या योजनाओं का लाभ वास्तव में जरूरतमंद किसानों तक पहुंच रहा है या फिर यह आंकड़े कागजों तक सीमित हैं।

9,000 एकड़ में शहतूत वृक्षारोपण और अतिरिक्त उत्पादन के लक्ष्य तय किए गए हैं, मगर कृषि विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि बिना मजबूत खरीद व्यवस्था और निर्यात नेटवर्क के अधिक उत्पादन किसानों के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। पहले भी कई कृषि क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ने के बावजूद किसानों को उचित दाम नहीं मिल पाए हैं।

रेशम मित्र पोर्टल के जरिए पारदर्शिता की बात कही जा रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पहुंच और तकनीकी समझ अभी भी बड़ी चुनौती है। ऐसे में ऑनलाइन सिस्टम का फायदा सभी तक समान रूप से पहुंचेगा या नहीं, यह देखना बाकी है।

सिल्क एक्सपो में विभिन्न राज्यों के उत्पादों का प्रदर्शन उद्योग की संभावनाएं जरूर दिखाता है, पर आलोचकों का कहना है कि प्रदर्शनी से ज्यादा जरूरी दीर्घकालिक नीति, निर्यात प्रोत्साहन और बुनकरों के लिए सामाजिक सुरक्षा है।

फिलहाल सरकार रेशम उद्योग में “ऐतिहासिक प्रगति” का दावा कर रही है, लेकिन असली सफलता तब मानी जाएगी जब किसान-बुनकरों की आय बढ़े, रोजगार स्थायी हो और योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर दिखाई दे—न कि केवल मंचों और आंकड़ों तक सीमित रहे।

About ATN-Editor

Anytime news:- Web News portal, weekly newspaper, YouTube news channel,

Check Also

Uttar Pradesh Directs ‘One Health’ Strategic Action: State-Level Master Training Launched to Curb Zoonotic Threats

Pooja Shrivastava, Any Time News Network Elevating its bio-security and epidemiological response matrix, the Department …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *