उत्तर प्रदेश का जिला घरेलू उत्पाद अनुमान वर्ष 2022-23 का आंकलन मॉडल बना राष्ट्रीय प्रेरणा स्रोत

 

 

उत्तर प्रदेश का जिला घरेलू उत्पाद अनुमान वर्ष 2022-23 का आंकलन मॉडल बना राष्ट्रीय प्रेरणा स्रोत

राजस्थान सरकार ने भेजा वरिष्ठ अधिकारियों का अध्ययन दल

आशिया खतून

लखनऊ : 28 मई, 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने साक्ष्य आधारित एवं पारदर्शी नीति निर्माण की दिशा मे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जिला घरेलू उत्पाद अनुमान का आंकलन मॉडल उसी श्रृंखला का एक सशक्त उदाहरण है, जिसे अब अन्य राज्य भी आत्मसात करने की दिशा में अग्रसर हैं। यह मॉडल न केवल प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था की सटीक और व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करता है, बल्कि जिला स्तरीय विकास रणनीतियों को भी वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है।

उत्तर प्रदेश सरकार के नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव  आलोक कुमार के दिशा निर्देशन में अर्थ एवं संख्या प्रभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु तैयार की गई जिला घरेलू उत्पाद अनुमान वैज्ञानिक, तुलनात्मक और व्यवहारिक आंकलन पर आधारित हैं जो सटीक आंकड़ों, अंतरविभागीय समन्वय और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से प्रत्येक जनपद की आर्थिक गतिविधियों का वास्तविक चित्रण प्रस्तुत करती है।

इस विशिष्ट उपलब्धि से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार द्वारा इस प्रकाशन की सराहना करते हुये अपने वरिष्ठ आर्थिक एवं सांख्यिकीय अधिकारियों का एक 04 सदस्यीय दल अध्ययन हेतु उत्तर प्रदेश भेजा गया। राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश द्वारा जिला घरेलू उत्पाद अनुमान तैयार करने हेतु रीतिविधायन, प्रयुक्त किये गए आंकड़ों के संग्रहण, विभिन्न संकेतकों को दिए गए भारांक से लेकर डीडीपी अनुमान का अध्ययन किया। साथ ही प्रदेश द्वारा आर्थिक आंकलन के क्षेत्र में देश में पहली बार Bottom-Up Approach अपनाते हुए जिला घरेलू उत्पाद (GDDP) के लिए PLFS और ASUSE जैसे दो राष्ट्रीय सर्वेक्षणों का पायलट रूप से 04 जनपदों में सफल क्रियान्वयन के परिणामों को साझा किया गया तथा पायलट परिणामों के आधार पर समस्त जनपदों हेतु प्रस्तावित विस्तृत सर्वेक्षण रूपरेखा, कार्यप्रणाली एवं तकनीकी दृष्टिकोण को भी साझा किया गया। दोनों राज्यों के बीच इस तकनीकी विमर्श में नीति निर्माण, डेटा उपयोग और GDDP मॉडल की स्थायित्व एवं पुनरावृत्ति को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

प्रमुख सचिव नियोजन विभाग आलोक कुमार एवं महानिदेशक अर्थ एवं संख्या सेल्वा कुमारी जे. से शिष्टाचार भेट के दौरान, इस अध्ययन दल के प्रमुख  विनेश सिंधवी निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकीय निदेशालय, राजस्थान ने सराहना की कि राज्यों के पारस्परिक समन्वय, आंतरिक संसाधनों और विभागीय समन्वय से भी एक सशक्त और विश्वसनीय आर्थिक मॉडल विकसित किया जा सकता है। प्रमुख सचिव नियोजन, द्वारा वर्तमान में प्रकाशित जिला घरेलू उत्पाद अनुमान वर्ष 2023-24 को राजस्थान के अधिकारियों को दिया गया, जिस पर राजस्थान के अधिकारियों द्वारा उत्तर प्रदेश के इस मॉडल को प्रभावशाली, व्यवहारिक और दोहराए जाने योग्य बताया गया।

उत्तर प्रदेश द्वारा तैयार की गई यह प्रणाली “नवाचार एवं सुशासन“ का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के समस्त 75 जनपदों की अर्थव्यवस्था का सघन विश्लेषण कर नीति निर्धारण हेतु ठोस आधार उपलब्ध कराया गया है। अन्य राज्य भी इस प्रणाली को समझने और लागू करने की रुचि दर्शा रहे हैं।

 

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