मुंशी प्रेमचंद की कहानी “नैराश्य का उत्तराखंडी नाटक

 


उत्तराखण्ड महापरिषद रंगमण्डल द्वारा आयोजित नाटक

प्राचीन व गौरवमयी संस्था उतराखण्ड महापरिषद अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हीरक जयंती वर्ष में बैडमेंटिन टूनामेंट उसके बाद बालीबाल टूर्नामेंट अब उत्तराखण्ड महापरिषद की रंगमंडल की सुन्दर प्रस्तुत मोहन सिंह बिष्ट सभागार में मुंशी प्रेमचंद की कहानी “नैराश्य का उत्तराखंडी किया जा रहा है।
इसके उपरांत दिनांक 31 अक्टूवर से 09 नवम्बर तक उत्तराख्ण्ड महोत्सव का आयोजन किया जाना है। उत्तराखण्ड महापरिषद द्वारा मुंषी प्रेमचन्द्र द्वारा लिखित नाटक नैराष्य का मंचन मोहन सिंह बिष्ट सभागार में रोजी मिश्रा के निर्देषन में किया गया।
महापरिषद का रंगमंडल भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली के सहयोग सेहीरक जयंती वर्ष और ऐतिहासिक उत्तराखंड महोत्सव 2023 की तैयारियों के बीच मोहन सिंह बिष्ट सभागार, उत्तराखंड महापरिषद, कुर्मांचल नगर, लखनऊ में मुंशी प्रेम चंद की कहानी पर आधारित नैराश्य का मंचन मुंशी प्रेम चंद जी की कहानी पर आधारित यह नाटक समाज के लिए एक आयना है।
यह भले ही उस समय के समाज की स्थिति को दर्शाता है जब एक परिवार में एकव्यक्ति के विवाह के बाद पहली बेटी का जन्म होता है, फिर दूसरी बेटी का तथा बेटेकी चाह में लगातार 4 बेटियां जन्म ले लेती है और पूरा परिवार बेटे की चाह में एक महात्मा एवं अन्य के द्वारा बताए हुए सारे नुस्खे अपनाता है। जिसके बाद परिवार पूरी तरह से बेटे के जन्म को पूरी तरह आश्वस्त रहता है। जब पांचवे बच्चे के जन्म का समय आता है तो क्या होता है, क्या उसे पुत्र प्राप्ति होती है या फिर पुत्री ही होती है इन्हीं के जवाब के लिए इस शानदार नाटक को देखने काफी दर्षकगण आज मोहन सिंह बिष्ट सभागार पहुचें। उत्तराखंड महापरिषद के रंगमंडल द्वारा नाटक में उत्तराखंडी संस्कृति को भी पिरोया है। रोजी मिश्रा के बेहतरीन निर्देशन से आज भी यह कहानी जीवित सी प्रतीत होती है,
कलाकाररू- मॉ – श्रीमती पूनम कनवाल, पिता- सी0एम0 जोशी, त्रिपाठी -ऋषभ मिश्रा, निरूपमा- पीहू गुप्ता, सुकेशी – पुष्पा वैष्णव, लड्डू वाला और मुन्ना सारगी- धन लाल वर्मा, ढोल वाला- विजय विष्ट (मुन्ना), मीर शिकार- अभय सिंह, काकी- हरितिमा पन्त, डॉक्टर- पुष्पा गैलाकोटी, कृपाल सिंह- तरूण सिंह, रंगमण्डल नृत्य कलाकार- आरती बिष्ट, सोनम रावत, कु0 मेधा पन्त, महेन्द्र गैलाकोटी, धर्मेन्द्र सिंह रावत, सचिन वर्मा
मंच परे – मंच व्यवस्थापक- मंगल सिंह रावत एवं कैलाश सिंह, मंच सज्जा- जगदीश सिंह बिष्ट, मंच सामग्री- मयंक सिंह राणा, वेषभूषा- कु0 उर्वषी, प्रकाश परिकल्पना व संचालन- देवाशीष मिश्रा/अश्विनी श्रीवास्तव, संगीत परिकल्पना व संचालन- संगीत कुमार देव, लेखक- मंुशी प्रेमचन्द्र, सहा0 निर्देशन- ऋषभ मिश्रा निर्देशन- रोजी मिश्रा
सभागार में महापरिषद के पदाधिकारीगण हरीशचन्द्र पंत, जी0बी0 फुलारा, राजेश बिष्ट, मदन सिंह बिष्ट, रमेश चन्द्र सिंह अधिकारी, महेश रौतेला, अवधेश कोठारी, हेमा बिष्ट, अशोक असवाल, कैलाश, पान सिंह, पूरन सिंह जीना, आदि उपस्थित रहें।

About ATN-Editor

Anytime news:- Web News portal, weekly newspaper, YouTube news channel,

Check Also

Holi symbolizes love, harmony and social unity: Dr. Neeraj Bora

Agarwal Sabha celebrates vibrant Holi festival with folk music and dance in Lucknow Phagun songs …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *